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संगम तट पर चढ़ा ‘बसंत पंचमी’ का रंग…पुण्य की डुबकी से हुई भोर, वस्त्र-अन्न दान कर रहे श्रद्धालु

सीएम ने दी पर्व की बधाई, अचला सप्तमी और वीकेंड की वजह से 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान, भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्जन, क्राउड मैनेजमेंट और घाटों पर सुरक्षा के खास इंतजाम

प्रयागराज, 23 जनवरी 2026:

संगम तट पर चल रहे माघ मेले में आज बसंत पंचमी का स्नान पर्व है। आधी रात के बाद 2.28 बजे पंचमी की तिथि लगने से भोर से ही श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगानी शुरू की। कुछ घण्टों के भीतर ही सैलाब देखकर शाम तक करीब एक करोड़ या उससे अधिक श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान लगाया गया है। प्रशासन भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन की कमान थामे घाटों के आसपास मुस्तैद है। इधर सीएम योगी ने प्रदेश वासियों को बसंत पंचमी की बधाई दी है।

24 घाटों पर की गई स्नान की व्यवस्था

बता दें ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बसंत पंचमी की तिथि रात 2:28 बजे से लग गई थी। इसी वजह से भीड़ रात से ही जमा होने लगी। भोर होते ही हर हर गंगे,जय गंगा मैया के जयकारे गूंज उठे। इस दौरान श्रद्धालु संगम में स्नान के साथ पीले वस्त्र और पीले अन्न का दान भी करते रहे। स्नान पर्व पर संगम समेत कुल 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई। करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबे घाटों की साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं को पहले ही मुकम्मल कर लिया गया था।

योगी ने कहा-बसंत पंचमी नवचेतना का उत्सव

सीएम योगी ने अपने बधाई संदेश में बसंत पंचमी को नवप्रभात, नवसृजन और नवचेतना का उत्सव का पावन पर्व बताया। कहा कि ‘बसंत पंचमी’ पर मेरी वाणी, विद्या और विवेक की अधिष्ठात्री भगवती माँ शारदे से प्रार्थना है कि हम सभी के जीवन में प्रकाश, प्रज्ञा और पवित्र प्रेरणा का संचार करें

अचला सप्तमी पर है अन्न के भंडारे की परंपरा

बसंत पंचमी के साथ 25 जनवरी को अचला सप्तमी (पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी) और 24 जनवरी को वीकेंड की वजह से अगले तीन दिनों में संगम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ सकती है। अचला सप्तमी पर अन्न के भंडारे की भी परंपरा है। अनुमान है कि इस दौरान तीन दिन में करीब 3.5 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

पांटून पुलों पर ऑड-इवेन व्यवस्था, इमरजेंसी पुलों पर भारी फोर्स

श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए पांटून पुलों पर खास प्लान लागू किया गया है। परेड से झूंसी जाने के लिए पांटून पुल संख्या 3, 5 और 7 का इस्तेमाल होगा झूंसी से परेड आने के लिए पांटून पुल संख्या 4 और 6 तय किए गए हैं आपात स्थिति के लिए बने पांटून पुल संख्या 1 और 2 पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

नया यमुना पुल बंद, पुराने पुल से हो रहा आवागमन

भीड़ को कंट्रोल करने और यातायात को सुरक्षित रखने के लिए ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। मेला पुलिस के मुताबिक घाटों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। बसंत पंचमी स्नान पर्व पर नए यमुना पुल बंद को बंद कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को पुराने यमुना पुल से ही आवागमन की अनुमति दी गई है।

शहर की सीमा से पहले ही रोके गए भारी वाहन, रूट डायवर्जन लागू

प्रशासन ने साफ किया है कि माघ मेला से जुड़े वाहनों को छोड़कर भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा में प्रवेश से पहले ही दूसरे रास्तों पर मोड़ा जाएगा। इसके लिए रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि शहर और मेला क्षेत्र में जाम जैसी स्थिति न बने।

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