लखनऊ, 20 मार्च 2026:
राजधानी स्थित बंथरा इलाके में एक ही परिवार के तीन लोगों ने जहर खा लिया। घटना में मां और बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज चल रहा है। एक सुसाइड नोट मिला है। घर में बचा छोटा बेटा इस खुदकुशी के बारे में भी कुछ ठोस वजह नहीं बता सका है।
बंथरा के नींवा गांव में हुई इस घटना में मां तारावती (52) और बड़े बेटे संदीप चौरसिया (30) की मौत हो गई, जबकि पिता रूपनारायण चौरसिया (55) की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के समय तीनों के मुंह से झाग निकल रहा था। बेटे संदीप की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि उनकी मौत के जिम्मेदार केवल वे खुद हैं।
रूपनरायण का परिवार चाय-समोसा और पान की दुकान चला कर अपना पालन-पोषण करता था। बड़े बेटे संदीप की शादी नहीं हुई थी, जबकि दो बड़ी बेटियों रुचि और ज्योति की शादी हो चुकी है। बृहस्पतिवार रात बड़े बेटे संदीप और पिता रूपनारायण होटल से घर लौटे। छोटा बेटा कुलदीप खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। शुक्रवार सुबह 4 बजे रूपनारायण उल्टी कर रहे थे और जोर-जोर से चिल्ला रहे थे। आवाज सुनकर कुलदीप की नींद खुल गई और उसने देखा कि मां तारावती और भाई संदीप बेसुध पड़े थे। पिता रूपनारायण की हालत गंभीर थी।
छोटे बेटे कुलदीप ने चाचा तेजनारायण को बुलाया और तुरंत सभी को पास के अस्पताल पहुंचाया। प्रसाद हॉस्पिटल में मां और बड़े बेटे को मृत घोषित किया गया। पिता रूपनारायण का इलाज जारी है। रूपनारायण के घर के बाहर 5 पेज का नोटिस चस्पा था, जिसे फाड़ दिया गया था। एक पेज पर सिक्योरिटी ऑफिसर, मुंबई लिखा हुआ था। गांव के लोग इस नोटिस को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
पड़ोसियों ने बताया कि परिवार के होटल व्यवसाय में किसी से दुश्मनी नहीं थी। होटल पहले गांव के बाहर था, फिर कुछ महीने पहले नया टिनशेड लगाकर व्यवसाय चलाया। दो साल पहले बड़े बेटे संदीप का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें 3 लाख रुपये से अधिक खर्च हुआ था। रूपनरायन इधर कई दिन से गुमसुम रहता था। अक्सर कुछ लोग उसके घर आते-जाते देखे गए। फिलहाल पुलिस खुदकुशी की गुत्थी सुलझाने में लगी है।






