लखनऊ, 7 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ की गोमतीनगर कॉलोनी के एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर करीब 54 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये म्यूल खातों के जरिए ठगी की रकम मंगवाते और उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजते थे। गिरोह का सरगना थाईलैंड में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। thehohalla news
पुलिस के अनुसार 13 दिसंबर को जालसाजों ने खुद को एनआईए और एटीएस का अधिकारी बताते हुए हुए गोमतीनगर कॉलोनी निवासी बुजुर्ग राजेंद्र प्रकाश वर्मा को फोन किया। उन्होंने पीड़ित पर आतंकियों को फंडिंग करने का झूठा आरोप लगाया। जांच के नाम पर सात दिनों तक उन्हें मानसिक दबाव में रखते हुए डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इस दौरान डर और धमकी के बीच आरोपियों ने इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के दो खातों में कुल 54.60 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने 19 दिसंबर को साइबर क्राइम थाने में रंजीत कुमार और प्रेम कुमार गौतम के खिलाफ केस दर्ज कराया। पीड़ित द्वारा दिए गए मोबाइल नंबरों और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच में सामने आया कि पूरी रकम म्यूल खातों में जमा कराई गई थी और वहां से तुरंत निकाल ली गई थी।
सर्विलांस और बैंक डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने वजीरगंज निवासी मोहम्मद सुफियान, दुबग्गा निवासी मोहम्मद आजम, गुडंबा निवासी आरिफ इकबाल और मदेयगंज निवासी उजैर खान को गिरफ्तार किया। इनके पास से पांच मोबाइल फोन, 25,234 रुपये नकद, पांच डेबिट कार्ड, एक पैन कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये आरोपी ठगी की रकम म्यूल खातों में मंगवाकर कमीशन काटते थे और बाकी रकम क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश में बैठे सरगना को भेज देते थे। गैंग में कुल 12 लोग शामिल हैं। उनमें कुछ बहराइच और श्रावस्ती के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश जारी है। https://thehohalla.com/uttar-pradesh-mechanical-engineer-was-digitally-arrested-for-6-days-and-looted-rs-3-46-lakh/
पुलिस ने बताया कि म्यूल खाते आमतौर पर कम पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के नाम पर खुलवाए जाते हैं। लालच देकर उनसे पासबुक, चेकबुक और डेबिट कार्ड ले लिए जाते हैं। उनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किया जाता है। पुलिस अब म्यूल खाताधारकों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।






