एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 22 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के शहीद पथ सर्विस लाइन, उतरेटिया में 32 वर्षीय प्रदीप सिंह परिहार की हत्या मामले का खुलासा हो गया है। पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी पूजा सिंह और उसके प्रेमी रामतीर्थ मौर्य का हाथ है, इन्हीं दोनों ने मिलकर पहले से साजिश रचकर प्रदीप की बेरहमी से हत्या की। मृतक प्रदीप सिंह परिहार मूल रूप से कानपुर देहात का रहने वाला था और कमता स्थित एक गैस एजेंसी में काम करता था।
किराए के मकान में पनपा रिश्ता
पुलिस के अनुसार, प्रदीप की पत्नी पूजा सिंह पीजीआई क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में अटेंडेंट थी। वह नवंबर माह से उतरेटिया में संदीप पाल के मकान में किराये पर रह रही थी। इसी दौरान उसी मकान में रहने वाले अमेठी निवासी रामतीर्थ मौर्य से उसके प्रेम संबंध हो गए।

शराब पिलाकर सुनसान जगह ले जाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन रामतीर्थ ने प्रदीप को शराब पिलाई और बाइक से सुनसान इलाके, चिरैयाबाग पुल के पास ले गया। वहां उसने चाकू से प्रदीप का गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भागते समय स्थानीय लोगों ने रामतीर्थ को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। हत्या की सूचना मिलने पर पूजा भी मौके पर पहुंची और रोने लगी। शुरुआत में वह शोकग्रस्त पत्नी लग रही थी, लेकिन पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई थी।
तीन बच्चों से छिन गया पिता का सहारा
प्रदीप और पूजा की शादी 2015 में हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। बच्चे फिलहाल दादा-दादी के पास रहते हैं। इस घटना के बाद बच्चे अनाथ जैसे हो गए हैं और उनके लिए यह परिवारिक जीवन में गहरा झटका है।
दोनों आरोपी गिरफ्तार और भेजे गए जेल
पुलिस ने पत्नी पूजा सिंह और उसके प्रेमी रामतीर्थ मौर्य को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। यह मामला रिश्तों में धोखे और अवैध संबंधों के खतरनाक परिणाम की एक और गंभीर मिसाल बन गया है।






