न्यूज डेस्क, 2 अप्रैल 2026:
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर बहुत बड़ा हमला कर सकता है। यह उसे पाषाण युग में पहुंचा देगा। उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
करीब 19 मिनट के भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान अपने लक्ष्य के बेहद करीब है। उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका इस संघर्ष से जल्द बाहर निकलने की योजना बना रहा है। ट्रंप प्रशासन पहले ही कह चुका है कि यह युद्ध लंबा नहीं चलेगा और इसे 4-6 हफ्तों में समाप्त करने का लक्ष्य है।
अमेरिका द्वारा इस सैन्य कार्रवाई को ‘एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया है। ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान पर क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने बिना उकसावे के कई देशों को निशाना बनाया है। उन्होंने इजराइल समेत सऊदी अरब, बहरीन, कतर, कुवैत और यूएई का सहयोग के लिए आभार जताया।
ट्रंप के इस बयान का असर वैश्विक बाजारों पर तुरंत देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और ब्रेंट क्रूड करीब 4% बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इसकी बड़ी वजह हार्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता है जहां से दुनिया की लगभग 20% ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है। 28 फरवरी से जारी संघर्ष के बाद यह अहम समुद्री मार्ग लगभग ठप पड़ा है।
दूसरी ओर ईरान ने भी अमेरिका और इजराइल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी सेना प्रमुख.अमीर हातामी ने कहा कि दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। किसी भी जमीनी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सेना को पहले से रणनीति तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका के अगले कदम और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।






