खेल डेस्क, 6 फरवरी 2026:
अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जा रहा है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। भारतीय अंडर-19 टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 10वीं बार फाइनल में जगह बनाई है। टीम इंडिया अब छठी बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरी है। वहीं इंग्लैंड की टीम तीसरी बार फाइनल खेल रही है। इंग्लैंड ने इससे पहले साल 1998 में इकलौता अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब जीता था।
2022 की हार का बदला लेने उतरा इंग्लैंड
भारत और इंग्लैंड की टीमें एक बार फिर फाइनल में आमने-सामने हैं। इससे पहले 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर पांचवीं बार ट्रॉफी अपने नाम की थी। ऐसे में इंग्लैंड की नजर इस बार उस हार का हिसाब बराबर करने पर है।
हेड टू हेड में भारत का दबदबा
भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक खेले गए यूथ वनडे मुकाबलों में टीम इंडिया का पलड़ा भारी रहा है। दोनों टीमों के बीच कुल 56 मुकाबले हुए हैं, जिनमें भारत ने 41 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को केवल 13 मुकाबलों में जीत मिली है। एक मैच टाई रहा और एक मुकाबला बिना नतीजे के समाप्त हुआ।

वैभव और हेनिल बने भारत की ताकत
इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने 6 मैचों में 264 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 82 रन रहा। वैभव ने अब तक 3 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी में हेनिल पटेल ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने 6 मैचों में 11 विकेट झटके हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 16 रन देकर 5 विकेट रहा है।
इंग्लैंड के लिए बेन मेयस और लुम्सडेन अहम
इंग्लैंड की टीम में भी कई खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। बल्लेबाजी में बेन मेयस ने 6 मैचों में 399 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 191 रन रहा। गेंदबाजी में मैनी लुम्सडेन ने अब तक 15 विकेट लिए हैं और वह इस टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर भी हैं।
हरारे की पिच पर रन बरसने के संकेत
हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है, हालांकि गेंदबाजों को भी हल्का सपोर्ट मिलता है। यहां बाउंस और गति अच्छी रहती है, जिससे शॉट खेलना आसान हो जाता है। स्क्वेयर और स्ट्रेट बाउंड्री छोटी होने के कारण बड़े शॉट्स भी देखने को मिल सकते हैं। इसका अंदाजा दूसरे सेमीफाइनल से लगाया जा सकता है, जहां भारत और अफगानिस्तान के बीच कुल 621 रन बने थे।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरोन जॉर्ज, वैभव सूर्यवंशी, विहान मल्होत्रा, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), वेदांत त्रिवेदी, आरएस अंब्रिश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, हेनिल पटेल और दीपेश देवेन्द्रन।
इंग्लैंड: थॉमस रेव (कप्तान), बेन डॉकिन्स, जोसेफ मूर्स, बेन मेयस, कालेब फॉकनर, राल्फी अल्बर्ट, फरहान अहमद, सेबेस्टियन मॉर्गन, जेम्स मीटो, मैनी लुम्सडेन और एलेक्स ग्रीन।






