लखनऊ, 27 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दौरान मंगलवार को लखनऊ में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक अधिवक्ता ने मतदान करते समय बैलेट पेपर पर एक प्रत्याशी के नाम के आगे पहले से टिक लगे होने का आरोप लगाया। इस पर अधिवक्ता ने तत्काल आपत्ति जताई। इसके बाद हंगामा हो गया और देखते ही देखते वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया।
हालात को देखते हुए चुनाव अधिकारियों ने एहतियातन मतदान प्रक्रिया को रोक दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान शाम 5 बजे तक होना था लेकिन हंगामे के कारण लगभग एक घंटे पहले ही प्रक्रिया को रोकना पड़ा। इसके बाद कई अधिवक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए और निष्पक्ष जांच की मांग की।

बताया जा रहा है कि मंगलवार को प्रदेश के 17 जिलों में बार काउंसिल के चुनाव के लिए मतदान कराया जा रहा था। बार काउंसिल सदस्य पद के लिए कुल 333 वैध प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। एक चुनाव अधिकारी के मुताबिक चुनाव की पूरी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित हाईपावर इलेक्शन कमेटी की निगरानी में कराई जा रही है।
चुनाव अधिकारी के अनुसार चारों चरणों को मिलाकर प्रदेशभर में कुल 2 लाख 49 हजार 808 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। केवल अधिकृत अधिवक्ताओं को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई है। हर प्रत्याशी को नामांकन के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ा है।इसके अलावा 80 जिलों की मतदाता सूची प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त भुगतान भी अनिवार्य किया गया है।
चुनाव कार्यक्रम के तहत तीसरे चरण में लखनऊ के अलावा कन्नौज, कानपुर नगर, कासगंज, कौशाम्बी, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मेरठ, मीरजापुर, मुरादाबाद और मुजफ्फर नगर में मतदान कराया जाएगा। बार काउंसिल चुनाव का चौथा एवं अंतिम चरण 30 और 31 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है।
इस चरण में पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, रमाबाई नगर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर और वाराणसी में अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव को लेकर पूरे कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं।






