लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योगी सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी विकास का बड़ा आधार बनेगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए 2059 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 76 फीसदी ज्यादा है।
एआई मिशन की शुरुआत, 225 करोड़ का प्रावधान
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खास प्राथमिकता दी गई है। उत्तर प्रदेश एआई मिशन शुरू करने के लिए 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके साथ ही इंडिया एआई मिशन के तहत प्रदेश की 49 आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जाएंगी। एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इंडिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना के लिए 32 करोड़ 82 लाख रुपये का इंतजाम किया गया है। सरकार का मकसद युवाओं को नई टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें रोजगार के बेहतर मौके देना है।
साइबर सुरक्षा के लिए अलग योजना
डिजिटल विस्तार के साथ साइबर खतरों को देखते हुए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना का फैसला लिया गया है। इसके लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की नई योजना प्रस्तावित है। इसे डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
एआई प्रज्ञा कार्यक्रम के तहत माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम और वन एम वन बी जैसी कंपनियां प्रदेश सरकार के साथ मिलकर प्रशिक्षण दे रही हैं। किसान, स्वयं सहायता समूह, छात्र, डॉक्टर और सरकारी कर्मचारी इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। सरकार चाहती है कि एआई सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव तक पहुंचे।
डाटा सेंटर में 30 हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य
डाटा सेंटर सेक्टर में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डाटा सेंटर पार्क स्थापित करने और 900 मेगावाट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए गए हैं। इनमें 6 डाटा सेंटर पार्क और 2 डाटा सेंटर यूनिट शामिल हैं। इनसे करीब 21,342 करोड़ रुपये का निवेश और 644 मेगावाट क्षमता हासिल की जा चुकी है।
मोबाइल निर्माण में देश में नंबर वन
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की पकड़ मजबूत बनी हुई है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का करीब 65 फीसदी हिस्सा प्रदेश में बन रहा है। भारत की 55 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट यूनिट भी यहीं स्थापित हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सरकार का दावा है कि निवेश और नई नीतियों के चलते प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर का दर्जा मिला है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 76 फीसदी की बढ़ोतरी को डिजिटल इकॉनमी को नई रफ्तार देने वाला कदम माना जा रहा है।






