लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
योगी सरकार के करीब नौ साल के कार्यकाल में पुलिसिंग के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तकनीक के सहारे यूपी पुलिस अब आम लोगों के और करीब पहुंच गई है। यूपी कॉप ऐप और सिटीजन पोर्टल आज प्रदेशवासियों के लिए किसी डिजिटल थाने से कम नहीं हैं। लोग घर बैठे एफआईआर दर्ज करा रहे हैं और पुलिस से जुड़ी 27 तरह की सेवाओं का फायदा उठा रहे हैं।
यूपी कॉप ऐप ने आम लोगों को थाने के चक्कर लगाने की परेशानी से काफी हद तक निजात दिला दी है। अब लोग मोबाइल से ही एफआईआर की कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं, खोए हुए सामान की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं, किरायेदार और कर्मचारी सत्यापन करवा सकते हैं। इससे समय भी बच रहा है और काम भी जल्दी निपट रहा है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि अब तक 50 लाख से ज्यादा लोग यूपी कॉप ऐप डाउनलोड कर चुके हैं। ऐप के जरिए 2.1 करोड़ से ज्यादा एफआईआर की कॉपी डाउनलोड की जा चुकी है। वहीं 7.3 लाख से ज्यादा लोगों ने खोए हुए सामान की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ये आंकड़े बताते हैं कि लोग अब डिजिटल पुलिसिंग पर भरोसा कर रहे हैं।
ऐप में कई नई और काम की सुविधाएं जोड़ी गई हैं। अब आवेदन की स्थिति की जानकारी रीयल टाइम नोटिफिकेशन से मिल जाती है। ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध है, जिससे हर वर्ग के लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। सुरक्षा के लिहाज से लोकेशन ट्रैकिंग और एसओएस बटन को भी बेहतर किया गया है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी थाना मैप पर देखा जा सकता है।
डिजिटल व्यवस्था से काम निपटाने का समय भी काफी कम हुआ है। अब चरित्र सत्यापन करीब 6 दिन में हो जाता है, जबकि पहले इसमें 8 दिन लगते थे। किरायेदार सत्यापन अब 8 दिन में हो रहा है, पहले 24 से 25 दिन लगते थे। कर्मचारी सत्यापन 5 दिन में पूरा हो रहा है, जो पहले 13 दिन लेता था। इसके साथ ही सरकार का पब्लिक ग्रीवांस पोर्टल भी आम लोगों के लिए मददगार साबित हो रहा है। लोग यहां अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं और समय पर उनका निस्तारण भी हो रहा है। इससे पुलिस की जवाबदेही बढ़ी है और लोगों को यह भरोसा मिला है कि उनकी बात सुनी जा रही है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण का कहना है कि यूपी कॉप ऐप अब डिजिटल पुलिस स्टेशन की तरह काम कर रहा है। टेक्नोलॉजी के जरिए शिकायतों और सेवाओं का काम पारदर्शी और समय पर हो रहा है। इससे पुलिसिंग ज्यादा जनकेंद्रित और जवाबदेह बन रही है। डिजिटल पुलिसिंग की इस पहल से आम आदमी को राहत मिली है और यूपी पुलिस की छवि भी मजबूत हुई है।






