लखनऊ, 2 मार्च 2026:
प्रदेश में अब मत्स्य पालन भी रोजगार और कारोबार का मजबूत जरिया बनने जा रहा है। राज्य सरकार की कोशिशों के बीच मत्स्य क्षेत्र में 30 कंपनियां कुल 1407 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने की तैयारी में हैं। इन परियोजनाओं के शुरू होने के बाद दो हजार से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है। मत्स्य विभाग इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर चुका है।
सरकार का दावा है कि मत्स्य विकास को लेकर प्रदेश का मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन रहा है। मीन महोत्सव और मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन जैसे आयोजनों के बाद निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। वाराणसी, बाराबंकी, अमेठी समेत कई जिलों में नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
वाराणसी में सबसे बड़ा निवेश, कई कंपनियां आगे आईं
हाल ही में आयोजित मीन महोत्सव में करीब 1200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जबकि दिसंबर में हुए मत्स्य निवेश शिखर सम्मेलन में 207 करोड़ रुपये के प्रस्ताव आए थे। इन प्रस्तावों के आधार पर औरो सुंदरम फूड्स एंड फीड्स प्राइवेट लिमिटेड वाराणसी में 300 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इसके अलावा प्रोबस स्मार्ट थिंक्स प्राइवेट लिमिटेड, Godrej Agrovet Limited और नेक्सजेन समूह की कंपनियां लगभग 200-200 करोड़ रुपये निवेश की योजना बना रही हैं। दीपक नेक्सजेन फीड्स प्राइवेट लिमिटेड ने बाराबंकी में 100 करोड़ रुपये से फिश फीड प्लांट लगाने का प्रस्ताव दिया है। इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल निवेश 1407 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
फिश प्रोसेसिंग प्लांट से बढ़ेगी वैल्यू और रोजगार
आंध्र प्रदेश की NexGen Feeds Private Limited उत्तर प्रदेश में आधुनिक फिश प्रोसेसिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी के निदेशक दीपक श्रीनिवास के मुताबिक प्रदेश का औद्योगिक माहौल निवेश के लिए बेहतर है। इस प्लांट से 150 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा और इसे 2028 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं बाराबंकी में बनने वाला फिश फीड प्लांट 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, जहां करीब 300 लोगों को काम मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर मत्स्य किसानों को भी सीधा फायदा होगा।
मीन महोत्सव से बढ़ी उम्मीदें, निवेशकों का भरोसा मजबूत
मत्स्य विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के अनुसार निवेश प्रस्तावों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहली बार आयोजित मीन महोत्सव में देश-प्रदेश के करीब पांच हजार मत्स्य किसान, उद्यमी और वैज्ञानिक एक साथ जुड़े, जिससे निवेश का माहौल मजबूत हुआ। विभाग विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए मत्स्य विकास की संभावनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। सभी निवेश प्रस्तावों को जल्द अमल में लाया जाएगा, जिससे प्रदेश में आय के नए जरिये खुलेंगे और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।






