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यूपी : स्टार्टअप व जीसीसी की पार्टनरशिप का असर… रोजगार, निवेश व इनोवेशन को मिली रफ्तार

IIT कानपुर, IIM लखनऊ जैसे बड़े संस्थानों को भी इस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है ताकि पढ़ाई और इंडस्ट्री के बीच सीधा तालमेल बने

लखनऊ, 15 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश अब सिर्फ आबादी वाला राज्य नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नया ठिकाना बनता जा रहा है। योगी सरकार की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स यानी जीसीसी नीति के जरिए स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियों को साथ लाकर प्रदेश में नए मौके तैयार किए जा रहे हैं।

इस वक्त यूपी में करीब 90 जीसीसी काम कर रहे हैं। सरकार का मकसद है कि आने वाले समय में इनकी संख्या एक हजार से ज्यादा हो। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

सिर्फ बैक ऑफिस नहीं, अब रिसर्च का हब बन रहा यूपी

पहले जीसीसी को सिर्फ बैक ऑफिस का काम माना जाता था, लेकिन अब इन्हें रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल इंजीनियरिंग जैसे बड़े कामों के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे यूपी में हाई लेवल की नौकरियां आएंगी और युवाओं को बेहतर मौके मिलेंगे।

एआई, ड्रोन और ब्लॉकचेन पर खास फोकस

प्रदेश में एआई, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, ड्रोन, 5जी, 6जी और हेल्थटेक जैसे सेक्टर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं। यहां स्टूडेंट्स, स्टार्टअप्स और जीसीसी मिलकर नई तकनीकों पर काम करेंगे। आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ जैसे बड़े संस्थानों को भी इस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है ताकि पढ़ाई और इंडस्ट्री के बीच सीधा तालमेल बने।

स्टार्टअप्स को मिलेगा ग्लोबल प्लेटफॉर्म

अब स्टार्टअप्स और जीसीसी के बीच मिलकर प्रोजेक्ट करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे लोकल स्टार्टअप्स को दुनिया की बड़ी कंपनियों तक पहुंच मिलेगी और उनके प्रोडक्ट ग्लोबल लेवल पर इस्तेमाल हो सकेंगे। इस मॉडल से यूपी के स्टार्टअप्स को पहचान भी मिलेगी और निवेश भी।

युवाओं के लिए नौकरी और कारोबार दोनों के रास्ते

सरकार का फोकस सिर्फ नौकरी देने पर नहीं, बल्कि युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए भी तैयार करना है। जीसीसी और स्टार्टअप सिस्टम से युवाओं को अच्छी नौकरियां मिलेंगी और बिजनेस के मौके भी बढ़ेंगे। महिलाओं, दिव्यांगों और युवाओं के लिए खास सुविधाएं इस नीति को और मजबूत बना रही हैं।

देश की टेक दिशा यूपी से तय होगी

आज यूपी में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। फैसले तेजी से हो रहे हैं और सिस्टम में पारदर्शिता आई है। टेक्नोलॉजी कंपनियों की नजर अब यूपी पर टिकी है। स्टार्टअप और जीसीसी की ये साझेदारी यूपी को देश का इनोवेशन हब बनाने की ओर ले जा रही है। आने वाले वक्त में यही मॉडल भारत की तरक्की की दिशा तय करेगा।

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