लखनऊ, 15 जनवरी 2026:
यूपी में सिपाही नागरिक पुलिस और समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत 18 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। यह आरोपपत्र राजधानी लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में दाखिल किया गया है।

ईडी ने इससे पहले इस घोटाले से जुड़ी करीब 1.02 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया था। एजेंसी ने यह मनी लॉन्ड्रिंग केस मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में एसटीएफ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर दर्ज किया था। इसके अलावा पेपर लीक से जुड़े कुछ अन्य मामलों की एफआईआर को भी जांच में शामिल किया गया।

जांच में सामने आया है कि सिपाही भर्ती परीक्षा और आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 के प्रश्न पत्र लीक करने के लिए एक संगठित साजिश रची गई थी। आरोपियों ने लीक हुए प्रश्न पत्र लाखों रुपये लेकर अभ्यर्थियों को बेचे। इतना ही नहीं उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के अलग-अलग रिसॉर्ट में ठहराकर वही प्रश्न पत्र रटवाए गए, ताकि परीक्षा में उन्हें फायदा मिल सके।
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरओ/एआरओ परीक्षा के पेपर लीक से अर्जित धन का इस्तेमाल सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में किया गया। यानी एक परीक्षा के भ्रष्टाचार से मिली रकम दूसरी परीक्षा में गड़बड़ी के लिए लगाई गई। इस पूरे नेटवर्क में पेपर के परिवहन से जुड़ी एक निजी कंपनी के दो कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है।

इस प्रकरण में एसटीएफ पहले ही पेपर लीक गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं ईडी ने भी आरोपी रवि अत्री और सुभाष प्रकाश को अपनी हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की थी। इससे पहले इन दोनों सहित सात आरोपियों के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।
ईडी ने जिन आरोपियों के खिलाफ ताजा आरोपपत्र दाखिल किया उनमें राजीव नयन मिश्रा, अंकित शेखर, शुभम मंडल, मनीष शर्मा उर्फ मोनू, बिट्टू सिंह बहादुर, श्यामवीर सिंह, गौरव कुमार उर्फ गौरव, सुनील रघुवंशी, विशाल दुबे, विवेक उपाध्याय, अमरजीत शर्मा, कामेश्वर नाथ, अमित सिंह, शरद सिंह, अरुण सिंह, नवीन सिंह, पुनीत सिंह और आयुष पांडे शामिल हैं। ईडी ने साफ किया है कि यह जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस पेपर लीक महाघोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।






