लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
यूपी और सिंगापुर के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में लखनऊ में एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिंगापुर के भारत में उच्चायुक्त साइमन वोंग ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच निवेश, कौशल विकास, आधारभूत संरचना और सांस्कृतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई।
उच्चायुक्त साइमन वोंग ने फरवरी में मुख्यमंत्री योगी की सिंगापुर यात्रा को बेहद सफल बताते हुए कहा कि इस दौरे ने न केवल सिंगापुर बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशियाई औद्योगिक जगत में उत्तर प्रदेश की एक भरोसेमंद और उभरती निवेश गंतव्य के रूप में पहचान मजबूत की है। उन्होंने बताया कि सिंगापुर की कंपनियां प्रदेश के अनुकूल निवेश वातावरण से संतुष्ट हैं। अपने निवेश को बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।

उन्होंने यह भी बताया दी कि आने वाले महीनों में सिंगापुर के उद्योग जगत का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश का दौरा करेगा। वह विभिन्न क्षेत्रों में निवेश संभावनाओं का आकलन कर ठोस प्रस्तावों को आगे बढ़ाएगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास (स्किलिंग) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी काम जारी है। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बैठक में कुशीनगर और सारनाथ जैसे बौद्ध पर्यटन स्थलों के विकास और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा, झांसी और वाराणसी सहित विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र के साथ देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सीएम ने सिंगापुर को एक विश्वस्तरीय आर्थिक और तकनीकी साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों के बीच सहयोग औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सिंगापुर की तकनीकी दक्षता और उत्तर प्रदेश की विशाल संभावनाओं का मेल भविष्य में सतत विकास, नवाचार और रोजगार सृजन के नए मानक तय करेगा।






