नोएडा, 14 मार्च 2026:
देश के प्रमुख निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में यूपी तेजी से उभर रहा है। इसी कड़ी में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एयरलाइन आकासा एयर के बीच एक अहम रणनीतिक साझेदारी हुई है। इस साझेदारी के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में आकासा एयर की पहली मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का बड़ा नेटवर्क विकसित करेगा।
इस एमआरओ सुविधा के शुरू होने से भारत के एविएशन सेक्टर को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही विमान कंपनियों को देश के भीतर ही उच्च गुणवत्ता वाली मेंटेनेंस सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उनके परिचालन खर्च और समय दोनों में कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को विमानन रखरखाव सेवाओं के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
सीएम योगी की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के कारण प्रदेश में वैश्विक कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में विकसित हो रही यह एमआरओ सुविधा प्रदेश को एविएशन, लॉजिस्टिक्स और हाईटेक इंडस्ट्री के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को एविएशन टेक्नोलॉजी और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस से जुड़े कौशल प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में भी मददगार साबित होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि आकासा एयर का अपना पहला एमआरओ केंद्र यहां स्थापित करने का निर्णय एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय एविएशन हब बनाने के विजन को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत की एमआरओ क्षमताओं को मजबूत करने के साथ रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा करेगी।
वहीं, आकासा एयर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने कहा कि भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन बाजार को देखते हुए मजबूत घरेलू एमआरओ क्षमताओं का विकास बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यह साझेदारी आकासा एयर की दीर्घकालिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।






