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कागजों से निकलकर गांवों तक पहुंची योजनाएं…’जीरो पावर्टी मिशन’ से बदला यूपी का नक्शा, जानिए सरकार का पूरा प्लान

यूपी सरकार का जीरो पावर्टी मिशन नीतियों से आगे बढ़कर जमीन पर असर दिखा रहा है, जहां डिजिटल डेटा और फील्ड सत्यापन के जरिए वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं से जोड़ा जा रहा है

लखनऊ, 2 जनवरी 2026:

उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन को लेकर सरकार की रणनीति अब नीतियों से आगे बढ़कर जमीन पर दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहा ‘जीरो पावर्टी मिशन’ प्रशासनिक इच्छाशक्ति, डिजिटल डेटा और फील्ड सत्यापन के जरिए हर पात्र परिवार तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का साफ संदेश है कि आंकड़ों से ज्यादा अहम वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है।

लखनऊ के गोसाईगंज इलाके में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू जैसे परिवार इस अभियान की तस्वीर पेश कर रहे हैं। कभी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे इन परिवारों को अब मकान, बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी जरूरी सुविधाएं मिल चुकी हैं। ऐसे ही हजारों परिवारों को चिन्हित कर प्रदेश सरकार उन्हें योजनाओं से जोड़ रही है। लाभार्थियों का कहना है कि यह पहल सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दे रही है।

जीरो पावर्टी मिशन के पहले चरण में सरकार ने 8 प्रमुख योजनाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से जोड़ने का लक्ष्य तय किया। जिला स्तर की रिपोर्ट के मुताबिक राशन योजना का लाभ 97 प्रतिशत पात्र परिवारों तक पहुंच चुका है। निराश्रित महिला पेंशन में 87 प्रतिशत और दिव्यांग पेंशन में 62 प्रतिशत कवरेज दर्ज हुई है। पीएम और सीएम जन आरोग्य योजना के तहत 63 प्रतिशत परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। वहीं वृद्धावस्था पेंशन, श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि और आवास योजनाओं में पात्रता जांच और डेटा सुधार की प्रक्रिया लगातार चल रही है।

अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 15 अक्टूबर 2025 से की गई, जिसमें 16 योजनाओं के तहत वंचित परिवारों का स्थलीय सत्यापन हो रहा है। उज्ज्वला योजना, शौचालय सहायता, जल जीवन मिशन और बिजली कनेक्शन जैसी सुविधाओं के लिए पात्र लोगों की पहचान की जा रही है। यह प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी होनी है, ताकि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद परिवार योजनाओं से बाहर न रह जाए।

सरकार सर्वे के आधार पर महिलाओं को आजीविका मिशन और स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की तैयारी कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में करीब 11 हजार बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को नीति सुधार का अहम माध्यम बनाया गया है। शिकायतों और सुझावों के विश्लेषण से योजनाओं की कमियों को दूर कर लाभ की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

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