लखनऊ, 3 अप्रैल 2026:
प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का असर अब साफ तौर पर नजर आ रहा है। यूपीपीसीएस 2024 के नतीजों में सफल हुए अभ्यर्थियों ने खुलकर बताया कि उनकी तैयारी में इस योजना की बड़ी भूमिका रही। कई युवाओं ने कहा कि सही दिशा, गाइडेंस और लगातार सपोर्ट मिलने से ही वे इस मुकाम तक पहुंच सके।
योजना के बारे में चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि महंगी कोचिंग का खर्च न उठा पाने वाले छात्रों के लिए यह योजना बड़ी राहत साबित हो रही है। इससे गांव और छोटे शहरों के युवाओं को भी बराबरी का मौका मिल रहा है। कुछ ऐसे ही अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव साझा किए।
रायबरेली के हर्ष सिंह ने परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन डिप्टी एसपी पद पर हुआ है। हर्ष बताते हैं कि अभ्युदय योजना से जुड़ने के बाद तैयारी को लेकर साफ समझ बनी। मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी में भी उन्हें लगातार मदद मिली, जिससे आत्मविश्वास बढ़ा और प्रदर्शन बेहतर हुआ।
उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, कहते हैं कि शुरुआत में सिलेबस और एग्जाम पैटर्न समझना मुश्किल लग रहा था। योजना के तहत मिली क्लास और गाइडेंस ने चीजें आसान कर दीं। उनके मुताबिक, सही रणनीति बनाना और उसे लागू करना यहीं सीखने को मिला।
अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्हें 741वीं रैंक मिली है, ने भी इस योजना को खास तौर पर जरूरतमंद छात्रों के लिए अहम बताया। उनका कहना है कि यहां सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, रहने और पढ़ने का माहौल भी मिलता है, जिससे तैयारी पर पूरा ध्यान दिया जा सकता है।






