Uttar Pradesh

बिजली संकट से आत्मनिर्भरता तक : UP में मजबूत बिजली व्यवस्था ने दी विकास को रफ्तार

प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर खत्म, पीक ऑवर में भी बिजली कटौती नहीं, बेहतर बिजली आपूर्ति का सीधा असर औद्योगिक निवेश पर दिखा

लखनऊ, 7 फरवरी 2026:

यूपी ने बिजली संकट से जूझने वाले राज्य की पुरानी छवि को पीछे छोड़ते हुए ऊर्जा स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार के प्रभावी नीतिगत फैसलों और मजबूत प्रबंधन के चलते प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार सिमटता गया है। अब यह लगभग शून्य के स्तर पर पहुंच गया है। यह बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आने के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है।

सरकार का मानना है कि मजबूत बिजली व्यवस्था ही मजबूत अर्थव्यवस्था की बुनियाद होती है। इसी सोच के तहत बीते वर्षों में उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों स्तरों पर व्यापक सुधार किए गए। बेहतर बिजली आपूर्ति का सीधा असर औद्योगिक निवेश पर दिखा है। एमएसएमई सेक्टर को संबल मिला है और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।

आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 में प्रदेश की कुल बिजली आवश्यकता 1 लाख 44 हजार 251 मिलियन यूनिट थी। इसके बाद मांग-आपूर्ति के अंतर को खत्म करने के लिए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। वित्त वर्ष 2023-24 में बिजली आपूर्ति बढ़कर 1 लाख 48 हजार 287 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि 2024-25 में यह 1 लाख 64 हजार 786 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक की स्थिति में बिजली की कमी व्यावहारिक रूप से समाप्त हो चुकी है।

पीक ऑवर के दौरान भी प्रदेश में लगभग पूरी बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। राष्ट्रीय ग्रिड के जरिए अधिशेष बिजली वाले राज्यों से समय पर बिजली उपलब्ध कराई गई। इससे उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली। संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना (आरडीएसएस) के तहत जर्जर लाइनों को बदला गया, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई और स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा दिया गया।

इससे बिजली चोरी पर नियंत्रण के साथ वितरण कंपनियों के घाटे में भी कमी आई। ग्रामीण क्षेत्रों में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर बिजली पहुंचाई गई। इससे कृषि, कुटीर उद्योग और छोटे कारोबार को नई गति मिली है। उत्तर प्रदेश अब बिजली संकट से उबरकर ऊर्जा-सशक्त राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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