योगेंद्र मलिक
नैनीताल, 6 जनवरी 2026:
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को बड़ी कानूनी राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज चार अलग-अलग FIR मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। ये मामले बहादराबाद, झबरेड़ा, देहरादून की नेहरू कॉलोनी और डालनवाला थानों में दर्ज हैं, जिनका संबंध अंकिता हत्याकांड से जोड़ा गया है।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रथम दृष्टया पाया कि चार में से दो मामलों में कोई ठोस और विशिष्ट आरोप सामने नहीं आते। इसी आधार पर अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया। बाकी मामलों में भी फिलहाल पूर्व विधायक को राहत दी गई है।
सुरेश राठौर की ओर से पेश हुए अधिवक्ता वैभव सिंह चौहान ने कोर्ट को बताया कि इन मामलों के पीछे राजनीतिक बदले की भावना है। याचिकाओं में कहा गया कि सोशल मीडिया पर वायरल कुछ ऑडियो क्लिप के जरिए भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की छवि खराब करने का आरोप बेबुनियाद है और इसमें राठौर को जानबूझकर फंसाया गया है।
कोर्ट ने शिकायतकर्ता धर्मेंद्र कुमार और आरती गौड़ को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का मानना है कि सभी पक्षों की बात सुने बिना किसी तरह की कठोर कार्रवाई उचित नहीं होगी।
अधिवक्ता वैभव सिंह चौहान ने कहा कि अदालत का यह फैसला इंसाफ की दिशा में मजबूत कदम है और उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई में सभी FIR निरस्त कर दी जाएंगी। मामले में अगली तारीख फिलहाल तय नहीं की गई है।






