योगेंद्र मलिक
देहरादून, 3 फरवरी 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ‘उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’ के तहत हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) और उनकी ग्राउंडिंग (कार्यान्वयन) की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में विभिन्न विभागों ने एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, परियोजनाओं में आने वाली चुनौतियों और आगे की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी।
ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति
बैठक में बताया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान कुल 1,779 एमओयू के लिए 3,57,693 करोड़ रुपये का निवेश तय हुआ था। इनमें से 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और इसे निवेशकों के विश्वास, सुशासन और उद्योग-अनुकूल माहौल का प्रमाण करार दिया।
अवरोध दूर करने के स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की बाधा को तुरंत दूर किया जाए। प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो ग्राउंडिंग की निरंतर निगरानी करे। उद्योगपतियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा जाए और उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश अनुकूल माहौल की जानकारी दी जाए।
पर्यटन और उद्योग में नए अवसर
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देश दिए कि पिथौरागढ़, कैंची धाम और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों में होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। विभाग स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए एरिया आधारित नीति भी बना रहा है। उद्योग विभाग को हर महीने उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित करने और उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
संस्कृति और अध्यात्म पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन विरासत का केंद्र है। उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित विश्वविद्यालय की स्थापना, हिंदू स्टडीज सेंटर, स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, मंदिर निर्माण और आयुर्वेद एम्स जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इस बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, सी. रवि शंकर, डी.एस. गब्र्याल, वन विभाग से रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






