Uttarakhand

उत्तराखण्ड बना स्टार्टअप लीडर… 2018 की नीति को मिला राष्ट्रीय सम्मान, युवाओं के लिए खुले नए अवसर

उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप लीडर के रूप में मान्यता मिली है, जहां राज्य की 2018 स्टार्टअप नीति ने नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर प्रदेश को मॉडल बनाया है

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 17 जनवरी 2026:

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत DPIIT (डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड) द्वारा जारी States’Startup Ecosystem Ranking (5वां संस्करण) में उत्तराखण्ड को मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में ‘लीडर’ के रूप में मान्यता दी गई। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर उत्तराखण्ड सरकार के उद्योग विभाग को ‘Certificate of Appreciation’ प्रदान किया गया।

नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा

इस सम्मान से यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखण्ड की स्टार्टअप नीति नवाचार, उद्यमिता, निवेश प्रोत्साहन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में सफल रही है। अब राज्य की यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के रूप में सराही जा रही है।

स्टार्टअप नीति की विशेषताएं

उत्तराखण्ड की 2018 स्टार्टअप नीति, जिसे 2021 तक बढ़ाया गया, ने राज्य को एक मॉडल बना दिया है। इस नीति के तहत स्टार्टअप्स को अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जाते हैं, जैसे 70 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी (₹50 लाख तक), पांच साल की टैक्स छूट और मार्केटिंग असिस्टेंस। नीति के अंतर्गत देहरादून के UPES और हल्द्वानी के Kumaon University में स्थापित इन्क्यूबेटर 50 से अधिक स्टार्टअप्स का समर्थन करते हैं और इसके लिए ₹10 करोड़ का फंड उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, स्टार्टअप फंड के रूप में ₹20 करोड़ की राशि और वेंचर कैपिटल लिंकेज की सुविधा भी दी गई है, जिससे पर्यटन, हर्बल, एग्री-टेक और आईटी क्षेत्रों में 100 से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स को मदद मिलती है। युवा प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए हैकाथॉन और मेंटरिंग प्रोग्राम जैसे प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान किए गए हैं, जिससे 500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

हिल स्टेट इकोसिस्टम और निवेश बढ़त

ये सभी प्रयास पर्यावरण-अनुकूल हिल स्टेट इकोसिस्टम को ध्यान में रखकर किए गए हैं। परिणामस्वरूप, 2025 में राज्य में ₹100 करोड़ से अधिक की फंडिंग आई। इस पहल से न केवल स्टार्टअप्स को मदद मिली बल्कि निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा।

मुख्यमंत्री ने युवाओं की क्षमता पर जोर दिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। प्रदेश के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उनका सहयोग कर रही है। यह उपलब्धि उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

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