योगेंद्र मलिक
देहरादून, 13 जनवरी, 2026:
उत्तराखंड में “जन-जन की सरकार जनता के द्वारा” कार्यक्रम के तहत आयोजित एक जनसमस्या समाधान शिविर उस समय चर्चा में आ गया, जब उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सरकार के सलाहकार डॉ देवेंद्र भसीन को जनता के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। यह शिविर मंत्री के विधानसभा क्षेत्र मसूरी में आयोजित किया गया था, जहां वह लोगों की समस्याएं सुनने और समाधान के लिए पहुंचे थे, लेकिन कार्यक्रम का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

स्थानीय लोगों ने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और लंबे समय से लंबित शिकायतों को लेकर नाराजगी जताई। जनता का कहना था कि कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो समस्याओं का समाधान हुआ और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने मंत्री को घेर लिया और खुले मंच पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

स्थिति को बिगड़ता देख कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने संयम बरतते हुए लोगों की बातें सुनीं और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि सभी जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम को सरकार के लिए जमीनी स्तर पर बढ़ते असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जनता की नाराजगी यह दर्शाती है कि केवल योजनाएं और कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जरूरत है। समय रहते इन मुद्दों को गंभीरता से लेना सरकार के लिए जरूरी माना जा रहा है।






