Uttarakhand

उत्तराखंड में SIR की तैयारी : 2003 की वोटरलिस्ट में अब एरिया, गली और मोहल्ले के नाम से करें सर्च

उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है 2003 की मतदाता सूची, 10 जनवरी तक चलाया जा रहा बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का आउटरीच अभियान

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 3 जनवरी 2026:

उत्तराखंड में वोटरलिस्ट के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-SIR) की तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा कदम उठाया है। राज्य में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की प्रक्रिया को अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुगम बनाया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत मतदाता अब केवल अपने गली, मोहल्ले या एरिया के नाम के आधार पर भी वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना नाम खोज सकेंगे।

उत्तराखंड के सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि उत्तराखंड में 10 जनवरी तक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) आउटरीच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। उनकी जानकारी का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे।

उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जिन्हें अपने वर्ष 2003 के मतदान केंद्र या बूथ की सही जानकारी उपलब्ध नहीं है। खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में समय के साथ गली-मोहल्लों और मतदान केंद्रों के नाम बदलने से मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर 2003 की मतदाता सूची को नए और आसान विकल्पों के साथ उपलब्ध कराया गया है।

अब तक मतदाता वेबसाइट पर जाकर अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने नाम या पिता अथवा पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते थे। नए फीचर के जुड़ने से यह प्रक्रिया और भी सरल हो गई है। अब मतदाता केवल अपने गली, मोहल्ले या क्षेत्र का नाम दर्ज कर भी संबंधित मतदाता सूची में अपना नाम खोज सकेंगे। इससे उन मतदाताओं को विशेष राहत मिलेगी जिन्हें अपने पुराने बूथ या क्रमांक की जानकारी नहीं है।

सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वे बीएलओ द्वारा मांगी जा रही आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और अभियान में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा चुनाव आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से बीएलओ के माध्यम से हर मतदाता तक समन्वय, संवाद और पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अद्यतन बनाने में सहायक होगा। इसके साथ ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी को भी और मजबूत करेगा।

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