Uttarakhand

कनेक्टिविटी और रोजगार से पर्यटन तक… साल 2026 बनेगा उत्तराखंड के विकास का टर्निंग प्वाइंट, जानिए धामी सरकार का रोडमैप

साल 2026 उत्तराखंड के लिए नतीजों का साल होगा, जहां सुशासन, खेती, कनेक्टिविटी और रोजगार से विकास की नई तस्वीर दिखेगी। धामी सरकार का फोकस अब योजनाओं को जमीन पर उतारने पर है

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 17 जनवरी 2026:

उत्तराखंड की धामी सरकार का फोकस नीतियों से सीधे नतीजों पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में साल 2026 प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और परिणाम आधारित वर्ष बनने जा रहा है। ऐतिहासिक नीतिगत फैसलों के बाद अब सरकार का जोर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जमीनी बदलाव और आम नागरिक की आय व जीवन स्तर में ठोस सुधार पर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में तैयार कार्ययोजना सुशासन, समावेशी विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संतुलन को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है।

तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

इस साल सरकार का प्राथमिक लक्ष्य शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना है। सभी विभागों में ई गवर्नेंस को अनिवार्य किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल फाइल सिस्टम, ऑनलाइन सेवाएं और समयबद्ध डिलीवरी शामिल है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण और तय समय में सेवाएं देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में रहेगा।

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सड़क, रेल और हवाई सेवाओं को मजबूती

राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करना 2026 के एजेंडे का अहम हिस्सा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना, हेली सेवाओं का विस्तार और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक सड़कों का निर्माण तेज किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और आपात सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।

कृषि और उद्यानिकी से बढ़ेगी ग्रामीण आय

धामी सरकार ने 2026 में कृषि के साथ उद्यानिकी को आय बढ़ाने का मुख्य जरिया बनाया है। पॉलीहाउस खेती, कीवी उत्पादन, सेब और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस के लिए अनुदान, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। कीवी नीति के तहत उत्तराखंड को देश का प्रमुख कीवी उत्पादक राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे कम भूमि में अधिक आय और निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे पलायन रुकेगा और गांवों में रोजगार पैदा होगा।

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पर्यटन, रोजगार और महिला सशक्तिकरण

पर्यटन को आर्थिक इंजन के रूप में विकसित करना सरकार की प्रमुख रणनीति है। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ विंटर टूरिज्म, साहसिक पर्यटन, ईको टूरिज्म और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं के लिए पारदर्शी और नकलमुक्त भर्तियों के साथ स्टार्टअप, उद्योग और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ महिला सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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गुड गवर्नेंस का उत्तराखंड मॉडल

पर्यावरण संरक्षण, हिमालयी पारिस्थितिकी की सुरक्षा, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और आपदा प्रबंधन को मजबूत करना सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकता है। जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रम के तहत 31 दिसंबर 2025 तक 13 जनपदों में 173 शिविर लगाए गए, जहां एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें हजारों मामलों का त्वरित निस्तारण कर प्रमाण पत्र और सेवाएं मौके पर दी गईं। सरकार का संकल्प है कि सुशासन का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे और उत्तराखंड एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संतुलित विकास वाला राज्य बने।

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