न्यूज डेस्क, 8 अप्रैल 2026:
करीब छह हफ्तों से जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। दोनों पक्षों ने दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमति जताते हुए युद्धविराम का ऐलान कर दिया है। इस समझौते को लेकर जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है वहीं ईरान में इसे जीत के तौर पर पेश किया जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस युद्धविराम के लिए पाकिस्तान की अहम भूमिका को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख का आभार जताया है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता और अंतिम समय में चीन के हस्तक्षेप के बाद यह समझौता संभव हो पाया।

सीजफायर के बाद तेहरान की सड़कों पर लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा। नागरिक पूर्व और मौजूदा सुप्रीम लीडर की तस्वीरों के साथ जश्न मनाते नजर आए। कई जगह भावुक दृश्य भी सामने आए, जहां लोगों की आंखें नम दिखीं।
इस पूरे घटनाक्रम पर भारत में भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। लखनऊ में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने इसे ईरान की जीत बताते हुए कहा कि दुनिया का असली सुपर पावर ईरान बनकर उभरा है।
समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे जबकि ईरान भी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा। खास बात यह है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना सुनिश्चित करेगी। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भेजा था जिसे बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब अपने पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकता है और अमेरिका इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए तैयार है। हालांकि इससे पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही थी।

सीजफायर के तहत अब 10 अप्रैल से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में औपचारिक वार्ता शुरू होगी। इसमें दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस कदम का स्वागत किया है। जापान और इंडोनेशिया समेत कई देशों ने इसे शांति की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है।
इसी बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों से अपील की है कि वे तय किए गए सुरक्षित मार्गों का उपयोग करते हुए जल्द से जल्द देश छोड़ दें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना दूतावास से संपर्क किए कोई भी व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर न बढ़े।
फिलहाल यह सीजफायर तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है लेकिन स्थायी शांति के लिए आगामी वार्ता बेहद निर्णायक साबित होगी।






