लखनऊ, 21 नवंबर 2025
सर्दियां शुरू होते ही ठंड भले सुकून दे, लेकिन यही मौसम सबसे ज्यादा बीमारियां भी बढ़ा देता है। हवा सूखी हो जाती है, इम्यूनिटी कमजोर पड़ती है और वायरस तेजी से एक्टिव हो जाते हैं। ऐसे में छोटी सी लापरवाही भी सर्दी, खांसी, बुखार और स्किन प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती है।
सर्दियों में प्रदूषण और घरों में बंद माहौल की वजह से भी सर्दी जुकाम, खांसी, गले में दर्द और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन तेजी से फैलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
सर्दियों में बीमारियां क्यों बढ़ती हैं
डॉक्टरों का मानना है कि, ठंड में शरीर की इम्यूनिटी कम हो जाती है। हवा में नमी भी कम होती है जिससे वायरस ज्यादा देर तक एक्टिव रहते हैं। लोग ज्यादातर समय घर के अंदर रहते हैं और इसी वजह से इंफेक्शन एक से दूसरे में जल्दी फैल जाता है। यही कारण है कि सर्दियों में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

किन बीमारियों का ज्यादा होता है खतरा?
सर्दियों में सर्दी जुकाम, वायरल फ्लू, खांसी, ड्राई स्किन, साइनस और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन आम हो जाते हैं। अस्थमा के मरीजों में समस्या बढ़ सकती है और जोड़ों का दर्द भी ज्यादा परेशान करता है। ठंड की वजह से स्किन ड्राई हो जाती है। कुछ लोगों में सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर दिखाई देता है जिसमें मूड लो हो जाता है। ठंड में फेफड़ों की कार्यक्षमता कम हो जाती है और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं जिससे हार्ट डिजीज का रिस्क भी बढ़ जाता है।
हर बीमारी को समझना है जरूरी
ठंडी और सूखी हवा नाक और गले की नमी को कम कर देती है जिससे सर्दी जुकाम जल्दी होता है। कम तापमान में वायरस सतहों पर लंबे समय तक टिके रहते हैं जिससे वायरल इंफेक्शन फैलता है। फ्लू वायरस बच्चों और बुजुर्गों को जल्दी पकड़ता है। ठंड से गला सूखने के कारण बुखार और खांसी बढ़ती है। प्रदूषण और स्मॉग की वजह से ब्रोंकाइटिस और सांस लेने में परेशानी आम हो जाती है। सर्द मौसम में जोड़ों का दर्द बढ़ना भी एक सामान्य समस्या है। स्किन में नमी कम होने से रूखापन और खुजली होने लगती है।

इन बीमारियों से कैसे बचें ?
सर्दियों में कुछ आदतें बदलकर बीमारियों से बचा जा सकता है। गर्म कपड़े पहनें। गुनगुना पानी पिएं। ताजा खाना खाएं। घर में साफ हवा का अच्छा वेंटिलेशन रखें। बीमार लोगों के संपर्क से बचें। भाप लेना और हल्का काढ़ा पीना रेस्पिरेटरी इंफेक्शन में फायदा देता है।
इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं?
नियमित एक्सरसाइज करें। पौष्टिक डाइट लें। सुबह 10 से 15 मिनट धूप में बैठें। पर्याप्त नींद लें। तनाव कम रखें। विटामिन D की कमी से बचने के लिए अंडा, मशरूम, फोर्टिफाइड मिल्क, दही और फिश डाइट में शामिल करें।
कैसे करें बच्चों और बुजुर्गों की खास देखभाल ?
बच्चों और बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर होती है इसलिए उन्हें अच्छी तरह गर्म कपड़े पहनाएं। बुजुर्गों को गुनगुना पानी दें और धूप में बैठाएं। बच्चों को हाथ धोने की आदत जरूर सिखाएं और उन्हें ठंडी चीजें खाने से बचाएं।
सर्दियों में हेल्दी रहने का आसान तरीका है सावधानी, सही खानपान और मजबूत इम्यूनिटी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। thehohalla.com इस पर कोई दावा नहीं करता है।






