लखनऊ, 21 फरवरी 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली से पहले किसानों को कई अहम योजनाओं का लाभ प्रदान किया और कृषि क्षेत्र में नए विकास कार्यों की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों को राशि वितरित की। इसके अलावा, आपदा मित्रों को जीवन बीमा के तहत सहायता भी दी गई।
सीएम ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि वितरित की। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थियों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी दी। कार्यक्रम के दौरान बागपत, शामली, कासगंज और भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय तथा मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, मऊरानीपुर झांसी में 50 शैया के छात्रावास भवन और लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का भी शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों का जिक्र किया। सीएम ने कहा कि जब बजट लागू होता है, तो उसका लाभ लाभार्थियों तक सीधे उनके बैंक खातों में किस प्रकार पहुंचता है, इसका सशक्त उदाहरण आज का यह समारोह प्रस्तुत कर रहा है। एक ही बार में 460 करोड़ की राशि अन्नदाता किसानों के खातों में प्रत्यक्ष रूप से हस्तांतरित की जा रही है। इसमें किसी भी बिचौलिये या मध्यस्थ की कोई भूमिका नहीं है
कहा कि मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा के अंतर्गत पहले केवल किसान आच्छादित होता था, किसान परिवार के सदस्य नहीं होते थे। हमारी सरकार बनी, हम लोगों ने कहा कि हम सभी को आच्छादित करेंगे। कोई भी आपदा आती है, तो हमारा प्रयास होता है कि 24 घंटे के अंदर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। वर्ष 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
कहा कि आपदा मित्रों को 5 लाख तक का जीवन बीमा का सुरक्षा कवर भी तीन वर्ष के लिए प्रदान किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 45,000 होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। हम लोगों ने तय किया है कि इस भर्ती में जो ‘आपदा मित्र’ हैं, उनको प्राथमिकता देंगे। प्रदेश के 25 जनपदों में NCC, NSS, NYKS तथा Bharat Scout and Guide से जुड़े 29,772 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन सभी स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है तथा उन्हें Emergency Responder Kit उपलब्ध कराई गई है।

कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और समृद्धि लाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। किसानों की भलाई के लिए हम आगे भी ऐसे ही योजनाओं का संचालन करेंगे ताकि प्रदेश के किसान आत्मनिर्भर बन सकें और उनकी स्थिति बेहतर हो। प्रदेश में मौसम का सटीक पूर्वानुमान उपलब्ध कराने और अन्नदाता किसानों को समय पर जानकारी प्रदान करने के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी एवं आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जाएंगे। इससे मौसम संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा किसानों और नागरिकों को आकाशीय बिजली सहित संभावित आपदाओं के प्रति पूर्व चेतावनी देकर उनके बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी मौजूद रहे।






