लखनऊ, 30 मार्च 2026:
राजधानी स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को लेकर बड़े फैसलों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस साल 5 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और करीब 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य तय किया गया है और प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लोकभवन में हुए इस कार्यक्रम में 450 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ। इसमें नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण और बाल विकास परियोजना कार्यालय शामिल हैं। सीएम ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़ाया है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से ज्यादा कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को हर साल 5 लाख रुपये तक का इलाज कवर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने पुराने सिस्टम पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले पोषाहार वितरण पर माफिया का कब्जा था और बच्चों व माताओं के हक में गड़बड़ी होती थी। अब व्यवस्था पारदर्शी है और बिना सिफारिश, न पर्ची, न खर्ची, सीधे भर्ती की जा रही है। कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन और आधुनिक उपकरण देकर काम को डिजिटल बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब हर आंगनबाड़ी केंद्र को डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। रीयल टाइम डेटा अपलोड होने से प्रदेश की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधरेगी। 69 हजार से ज्यादा कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। साथ ही ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए बड़े पैमाने पर उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 से 5 साल के बच्चों की प्री-प्राइमरी पढ़ाई भी अब आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी। बेसिक शिक्षा के 27 हजार केंद्र भी आंगनबाड़ी को दिए जा रहे हैं, जिससे इनकी भूमिका और बढ़ेगी। कुपोषण के खिलाफ अभियान पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में 1 करोड़ 70 लाख से ज्यादा बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चों को सामान्य स्थिति में लाया गया है। बौनापन की दर भी कम हुई है।

कोरोना काल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा और एएनएम ने फ्रंटलाइन पर काम करते हुए घर-घर तक सेवाएं पहुंचाईं, जिससे बड़ी आबादी वाले राज्य में हालात संभाले जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आगे आंगनबाड़ी केंद्रों को और आधुनिक बनाया जाएगा। सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में एलईडी टीवी, आरओ पानी, न्यूट्रिशन गार्डन और प्री-स्कूल किट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही कार्यकत्रियों के मानदेय को बेहतर करने की तैयारी भी चल रही है। सरकार आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव की दिशा में भी काम कर रही है ताकि कर्मचारियों को पूरा भुगतान मिल सके और बीच में होने वाले शोषण पर रोक लगे।






