लखनऊ, 20 फरवरी 2026:
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू)
ने निवेशकों से करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पियर्स एलाइड कारपोरेशन लिमिटेड की अतिरिक्त निदेशक मंजू दुबे उर्फ मंजू उपाध्याय को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। मामला लंबे समय से जांच में था और अब कार्रवाई तेज हो गई है।
यह केस वर्ष 2017 में निवेशकों की शिकायत पर आलमबाग थाने में दर्ज हुआ था। बाद में शासन के निर्देश पर जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि कंपनी ने बिना भारतीय रिजर्व बैंक में पंजीकरण कराए ही कई जिलों में बैंकिंग जैसे कार्यालय खोल दिए थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक कंपनी के सीएमडी दुर्गा प्रसाद दुबे समेत अन्य निदेशकों ने लोगों को आरडी और एफडी योजनाओं में निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया। भरोसा जीतने के बाद निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराए गए। कुछ समय बाद निवेशकों को जो बांड और दस्तावेज दिए गए, वे फर्जी निकले और कंपनी से जुड़े लोग फरार हो गए। जब निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। ईओडब्ल्यू की जांच में कुल 13 लोग दोषी पाए गए। इनमें से छह आरोपित पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मंजू दुबे ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कानपुर के कर्नलगंज क्षेत्र का पता बताया था, जबकि उनका स्थायी निवास देवरिया जिले के डोल छपरा गांव में है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही है और निवेशकों के पैसे से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।






