देहरादून, 9 जनवरी 2026:
सूचना का अधिकार (राइट टू इनफार्मेशन) कानून के 20 साल पूरे होने पर सचिवालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आरटीआई के तहत बेहतर काम करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारी और 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वालों में बागेश्वर की जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे, देहरादून के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, लोक सेवा आयोग के उपसचिव डॉ. प्रशांत, प्रारंभिक शिक्षा के उप निदेशक एसएस चौहान, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अनु सचिव राजन नैथानी, पिथौरागढ़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी, रामनगर वन प्रभाग की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कमला शर्मा, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी लियाकत अली खान और हरिद्वार के जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार कानून ने आम लोगों को सरकार से सवाल पूछने और जवाब पाने का हक दिया है। इससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सूचना आयोग में 13 लाख से ज्यादा आरटीआई आवेदन आए हैं, जिनमें से ज्यादातर मामलों का निस्तारण हो चुका है। फिलहाल करीब 700 प्रकरण ही लंबित हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आरटीआई जितना जरूरी है, उतनी ही इसकी सही और जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत है। कुछ मामलों में इसके गलत उपयोग की शिकायतें भी सामने आई हैं, इसलिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।
उन्होंने सभी विभागों से कहा कि जिन जानकारियों की बार-बार मांग होती है, उन्हें विभागीय वेबसाइट पर पहले से ही डाल दिया जाए, ताकि लोगों को आसानी से जानकारी मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त देवेंद्र कुमार आर्य, दलीप सिंह कुंवर, कुशलानंद और अवस्थापन अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर भी मौजूद रहे।






