लखनऊ, 16 मई 2026:
पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) योजना को द्विपक्षीय समझौता प्रणाली के तहत लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बैंककर्मियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप काले वस्त्र पहनकर बैंकों में काम किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बावजूद केंद्र सरकार इस मांग पर फैसला नहीं ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार बैंककर्मियों की उपेक्षा कर रही है।

फोरम के प्रदेश संयोजक वाईके अरोड़ा, डीके सिंह, एसके संगतानी, लक्ष्मण सिंह, मनमोहन दास और संदीप सिंह ने कहा कि भारतीय बैंक संघ पहले ही 5 डे बैंकिंग पर सहमति दे चुका है लेकिन केंद्र सरकार जानबूझकर स्वीकृति नहीं दे रही। नेताओं ने इसे बैंककर्मी विरोधी रवैया करार दिया।
वहीं यूएफबीयू के वीके माथुर, विभाकर कुशवाहा, बीडी पाण्डेय, विशाखा वर्मा और स्वाति सिंह ने पीएलआई योजना पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए मनमाने तरीके से योजना लागू करना सुलह प्रक्रिया और द्विपक्षीय समझौते की भावना के खिलाफ है।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की जायज मांगें नहीं मानती तब तक बैंककर्मी अतिरिक्त सहयोग नहीं करेंगे। उन्होंने साफ किया कि फोरम की केंद्रीय समिति के निर्देश पर आने वाले दिनों में हड़ताल और अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को और तेज किया जाएगा।
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