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68500 Shikshak Bharti : मंत्री आवास पर अभ्यर्थियों का हल्लाबोल, आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा

स्वतंत्र देव सिंह के आवास पर गूंजे नारे, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश के अनुपालन और भर्ती शेड्यूल जारी करने की मांग, अभ्यर्थियों ने चेताया- न्याय नहीं मिला तो 2027 में भाजपा से विमुख हो सकता है पिछड़ा समाज

लखनऊ, 17 अक्टूबर 2026:

यूपी की 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन का मुद्दा लगातार गरमाया है। आठ साल से न्याय की आस लगाए अभ्यर्थियों का आंदोलन शनिवार को 47वें दिन और आक्रामक हो गया। राजधानी लखनऊ में धरना दे रहे हजारों अभ्यर्थियों ने आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के आवास का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती शेड्यूल जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराने की मांग उठाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।

मंत्री आवास पर प्रदर्शन के दौरान ‘चाचा जी बाहर आओ, पिछड़ों की हालत देखकर जाओ’, ‘चाचा जी बाहर आओ, डायरेक्टर बेसिक को समझाओ’ और ‘मुख्यमंत्री जी से वार्ता करो, भर्ती शेड्यूल जारी कराओ’ जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। अभ्यर्थियों की आवाज सुनकर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आवास से बाहर आए और आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। अभ्यर्थियों के मुताबिक मंत्री ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन कराकर नियुक्ति दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को मिठाई और पानी देकर विदा किया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों को बस से ईको गार्डन भेज दिया।

आरक्षण नियमावली के उल्लंघन का आरोप

आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमावली-1994 का उल्लंघन किया गया। उनका कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को आरक्षित श्रेणी के अनुरूप लाभ नहीं दिया गया, जो आरक्षण व्यवस्था और संविधान की भावना के विपरीत है। अभ्यर्थी इस मामले में लंबे समय से न्याय और नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

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आंदोलन के नेतृत्वकर्ता आशुतोष वर्मा ने बताया कि मंत्री से मुलाकात के दौरान बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायत की गई। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की वजह से न्याय मिलने में बाधाएं आ रही हैं और सरकार की छवि प्रभावित हो रही है।

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‘न्याय नहीं मिला तो 2027 में भाजपा से दूरी बना सकता है पिछड़ा समाज’

तूफान सिंह ने कहा कि आंदोलन के 47 दिन बीतने के बावजूद भर्ती शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। उन्होंने मंत्री से मुख्यमंत्री के साथ वार्ता कर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की। उनके मुताबिक, मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार पिछड़ों के साथ अन्याय नहीं होने देगी और वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे।

धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने स्पष्ट किया कि भर्ती शेड्यूल जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि तय कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न मंत्रियों के आवासों का घेराव और प्रदर्शन क्रमिक रूप से किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पिछड़े समाज की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।

क्या हैं अभ्यर्थियों की मांगें?

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के 7 जुलाई के आदेश और 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के सरकारी आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन करते हुए तत्काल भर्ती शेड्यूल जारी किया जाए और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही, कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में रंजना जायसवाल, प्रतिमा कुशवाहा, रिसिता पाल, गायत्री जायसवाल, मोहित अहलावत, दीपक पटेल, उत्कर्ष सिंह, मयंक गुप्ता, संजीव गुप्ता, नसीम फरीदी, सुनील, रणबहादुर वर्मा, आनंद वर्मा, अमित, मनोज, सच्चिदानंद, अरविंद और कृपा शंकर समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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