आगरा, 22 मार्च 2026:
यूपी सरकार के 9 वर्ष पूरे होने के अवसर पर महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने आगरा में आयोजित प्रेस वार्ता में विभाग की उपलब्धियों गिनाईं। उन्होंने कहा कि राज्य में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ एक सरकारी नारा नहीं बल्कि जमीनी हकीकत बन चुका है। महिलाएं अब अवसर तलाशने के बजाय खुद अवसर सृजित कर रही हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसके शिक्षित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने तक एक मजबूत तंत्र विकसित किया है। ‘कन्या सुमंगला योजना’ के तहत अब तक 26.81 लाख बेटियों को लाभ मिला है। ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ से 1.05 लाख से अधिक बेसहारा बच्चों को संरक्षण दिया गया है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत एक लाख से अधिक बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया। ये सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ से 60 लाख माताएं लाभान्वित हुई हैं। संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 84 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। बच्चों में स्टंटिंग दर में 6.6% और अंडरवेट में 7.5% की कमी आई है। वर्तमान में 2.12 करोड़ बच्चों और महिलाओं को अनुपूरक पुष्टाहार मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘संभव अभियान’ के तहत पोषण ट्रैकर जैसी तकनीक का उपयोग कर कुपोषण से मुकाबला किया जा रहा है।
महिला सुरक्षा के मोर्चे पर भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। यूपी-112 का रिस्पॉन्स टाइम 2016 के 1 घंटे 5 मिनट से घटकर 2025 में 6 मिनट 41 सेकंड हो गया है। बलात्कार, अपहरण और घरेलू हिंसा के मामलों में क्रमशः 33.92%, 17.03% और 9.54% की कमी दर्ज की गई है। पुलिस में महिलाओं के लिए 20% आरक्षण के चलते 44,000 से अधिक महिलाएं बल का हिस्सा बन चुकी हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत 18.55 लाख महिलाएं लखपति बनी हैं। बीसी सखियों ने 42,711 करोड़ रुपये का लेनदेन कर 116 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2026 से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही 1.90 लाख केंद्रों को प्री-स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, सक्षम और स्वावलंबी नारी ही नए उत्तर प्रदेश की सशक्त आधारशिला है।






