लखनऊ, 4 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में एलडीए की अधिग्रहित जमीन पर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। गोमतीनगर विस्तार के ग्राम अरदौनामऊ की अर्जित भूमि के लिए एक रियल एस्टेट कंपनी ने कथित तौर पर जाली एनओसी तैयार कर विकास कार्य कराने की कोशिश की। एलडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर हुई जांच में पूरा फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद प्राधिकरण ने कंपनी समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ सुशांत गोल्फ सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
एलडीए के सहायक चकबंदी अधिकारी तुलसीराम के मुताबिक कुछ दिन पहले व्हाट्सएप के माध्यम से एक कथित एनओसी प्राप्त हुई थी। यह पत्र सहायक चकबंदी अधिकारी (अर्जन) के नाम और हस्ताक्षर से विभूति खंड स्थित जेनिथ एंड जेनिथ सिविल प्लानर्स प्रा लि के पक्ष में जारी दिखाया गया था। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह पत्र एलडीए ने कभी जारी ही नहीं किया। पत्र पर किए गए हस्ताक्षर, कार्यालय की मुहर और अन्य अभिलेख पूरी तरह फर्जी पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी एनओसी के जरिए ग्राम अरदौनामऊ की उस भूमि को वैध दिखाने का प्रयास किया गया जिसका अधिग्रहण वर्ष 2001 में अमर शहीद पथ गोमतीनगर विस्तार योजना के तहत हो चुका है। अर्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार और एलडीए में निहित है।
एलडीए का कहना है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्राधिकरण के नाम का दुरुपयोग करने की साजिश रची गई। मामले में जेनिथ एंड जेनिथ सिविल प्लानर्स प्रा लि समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों से जमीन खरीदने से पहले एलडीए से दस्तावेजों का सत्यापन कराने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि वेलनेस सिटी और आईटी सिटी परियोजनाओं से जुड़े बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा, मस्तेमऊ, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, खुजौली और भटवारा समेत अधिसूचित गांवों में जमीन खरीदते समय विशेष सतर्कता बरती जाए।






