
देहरादून, 6 जुलाई 2026:
उत्तराखंड में ग्रामीण इलाकों के विकास को रफ्तार देने के लिए सोमवार को सचिवालय में नाबार्ड की हाई लेवल कमेटी की बैठक हुई। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (RIDF) के तहत ज्यादा से ज्यादा Project तैयार कर अगले तीन दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। उन्होंने कहा कि चल रही योजनाओं की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव भी बिना देरी भेजे जाएं, ताकि समय पर रकम जारी हो सके।
बैठक में मुख्य सचिव ने धीमी रफ्तार से चल रहे Project पर नाराजगी जताई। उन्होंने विभागीय सचिवों को निर्देश दिए कि पुरानी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। इसके लिए हर सप्ताह समीक्षा कर काम की लगातार निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों के बजाय आपसी तालमेल के साथ बड़े Project तैयार किए जाएं, ताकि किसी इलाके को योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके। खासकर कृषि और बागवानी सेक्टर में Cluster आधारित मॉडल अपनाते हुए ऐसे Project बनाए जाएं, जिनमें कोल्ड चेन, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज समेत जरूरी Infrastructure एक ही योजना के तहत विकसित हो सके।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड से तकनीकी मदद देने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि नाबार्ड को गतिशक्ति पोर्टल का एक्सेस दिया जाए, ताकि वहां उपलब्ध Project का अध्ययन कर चार से पांच क्षेत्रों को Pilot Project के तौर पर चुना जा सके। इन इलाकों के लिए पूरी लिंकिंग के साथ प्लान तैयार करने में नाबार्ड विशेषज्ञ सहयोग देगा। इस पर नाबार्ड ने जल्द टीम तैनात करने का भरोसा दिया।

बैठक में उद्यान विभाग को Polyhouse Project जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। इसके लिए सचिव स्तर पर हर सप्ताह समीक्षा करने को कहा गया। वहीं पशुपालन विभाग को सभी जिलों में बड़े पशु अस्पताल स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश मिले, ताकि दूरदराज के इलाकों में भी पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन Project का काम पूरा हो चुका है, उनके Completion Certificate और रिपोर्ट जल्द नाबार्ड को भेजी जाए, जिससे आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1000 करोड़ रुपये के Project का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्ताव शासन को मिल चुके हैं। इनमें 271 करोड़ रुपये के Project नाबार्ड के पास पहुंच चुके हैं, जबकि 210 करोड़ रुपये की DPR भी जमा कराई जा चुकी है। बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ बीवीआरसी पुरूषोत्तम, सी रविशंकर, धीराज सिंह गर्ब्याल, नाबार्ड के सीजीएम पंकज यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






