
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और पहचान से जुड़े 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे चर्चित फैसला शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने का रहा। इसके अलावा प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति को भी कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री सुरेश खन्ना, सुनील शर्मा, धर्मपाल सिंह और अनिल राजभर ने फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी करने का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित था। शासन ने 25 जून 2025 को इस संबंध में अनुरोध भेजा था। भारत सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद अब राज्य कैबिनेट ने भी इस पर अंतिम मुहर लगा दी है।

प्रदेश सरकार का कहना है कि जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की वर्षों पुरानी मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार के अनुसार नाम परिवर्तन से क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी अलग पहचान स्थापित होगी।
कैबिनेट ने प्रदेश में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी दी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की दिशा में गति मिलेगी। सोमवार की बैठक में 27 प्रस्तावों पर सहमति देकर योगी सरकार ने विकास और सांस्कृतिक विरासत, दोनों मोर्चों पर महत्वपूर्ण संदेश दिया।






