
लखनऊ, 8 जुलाई 2026:
आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे झांसी के पूर्व सपा विधायक दीप नारायण सिंह यादव के खिलाफ बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा शिकंजा कस दिया। ईडी की आधा दर्जन से अधिक टीमों ने झांसी और लखनऊ में एक साथ कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई यूपी विजिलेंस की एफआईआर के आधार पर दर्ज ईसीआईआर के तहत ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002’ के प्रावधानों के तहत की गई।
लखनऊ में एल्डिको कॉलोनी के फ्लैट, कानपुर रोड के अपार्टमेंट में जांच
ईडी की टीम ने लखनऊ के एल्डिको कॉलोनी स्थित फ्लैट, कानपुर रोड के सनराइज अपार्टमेंट समेत कई परिसरों में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। वहीं झांसी में पूर्व विधायक के पैतृक गांव बुढ़ावली, भगवंतपुरा स्थित मून सिटी, सीपरी बाजार के ताज कंपाउंड, उनके पीए अशोक गोस्वामी के आवास और मोठ में पूर्व चेयरमैन अनिरुद्ध यादव के घर पर भी एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और कई स्थानों पर पैरा मिलिट्री फोर्स व पीएसी तैनात रही।

अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए कंपनियों व फर्मों के इस्तेमाल का आरोप
ईडी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित अपराध से अर्जित धन को रियल एस्टेट, निर्माण कार्य और अन्य व्यावसायिक कंपनियों तथा एलएलपी के नेटवर्क के माध्यम से खपाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। एजेंसी को संदेह है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों और फर्मों का इस्तेमाल किया गया।
तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, चल-अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य जब्त किए गए हैं। अब इनकी जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि कथित अवैध धन किन-किन परियोजनाओं और कारोबार में लगाया गया तथा इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पूर्व विधायक के खिलाफ गैंगस्टर, रंगदारी सहित कई मामले
ईडी अधिकारियों के मुताबिक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 23 से अधिक शेड्यूल्ड ऑफेंस शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक के खिलाफ आईपीसी, यूपी गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट सहित धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, हत्या के प्रयास और डकैती जैसे चार दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे भी दर्ज बताए गए हैं।
दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल जारी
एजेंसी का कहना है कि छापेमारी का उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति, लाभार्थी स्वामित्व (बेनिफिशियल ओनरशिप), संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों के पुख्ता साक्ष्य जुटाना है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि पीएमएलए के तहत आगे की जांच जारी है। जब्त किए गए दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






