
योगेंद्र मलिक
देहरादून/हरिद्वार, 9 जुलाई 2026:
उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार सुबह से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई है। खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, मसूरी, रुड़की, लक्सर, देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, सोनप्रयाग, थराली, लैंसडाउन, चौखुटिया, द्वाराहाट, रानीखेत और कौसानी समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
देहरादून जिले में गुरुवार सुबह से मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। ऋषिकेश, डोईवाला, सदर, मसूरी, विकासनगर, कालसी और ट्यूनी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि चकराता में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। जिला प्रशासन के अनुसार फिलहाल सभी क्षेत्रों में स्थिति सामान्य है और कहीं से जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

हरिद्वार में जलभराव से बढ़ी परेशानी
लगातार हो रही बारिश का सबसे अधिक असर हरिद्वार में देखने को मिला। रात से जारी बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव की वजह से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के साथ-साथ गंगा दर्शन और स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भी परेशानी झेलनी पड़ी।
हरिद्वार में हर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है। इस बार भी कई इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं, जिससे यातायात प्रभावित रहा और लोगों को दैनिक कामकाज के लिए अतिरिक्त समय लगाना पड़ा।
डीएम ने सभी अधिकारियों को किया अलर्ट
हरिद्वार में लगातार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की देरी न हो।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में जलभराव, सड़क बंद होने, भवन क्षति, सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान अथवा अन्य आपदा की सूचना मिलती है तो संबंधित अधिकारी तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें और इसकी जानकारी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को दें।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को तहसील स्तर पर संचालित आपदा नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह सक्रिय रखने और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को भी कहा गया है कि जनपद के किसी भी हिस्से से जलभराव या अन्य आपदा की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों और राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा जाए।
लोगों के लिए प्रशासन की अपील
प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित स्थानों से दूरी बनाए रखने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन, पुलिस, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।






