
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 3 जुलाई 2026:
उत्तराखंड में सरकारी सेवा की राह देख रहे युवाओं के लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की पीसीएस मुख्य परीक्षा 2024 में चयनित 182 अभ्यर्थियों के साथ कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक के पद पर चुने गए 5 अभ्यर्थियों सहित कुल 187 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र सिर्फ सरकारी नौकरी का दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता के भरोसे, उम्मीदों और जनसेवा की जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, ईमानदारी, संवेदनशीलता और काम करने के तरीके से बनती है।
धामी ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि वे पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाएं। सरकार की योजनाओं का फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों से आने वाले लोगों को सरकारी दफ्तरों में सम्मानजनक व्यवहार, साफ व्यवस्था और तय समय में समाधान मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रशासन का मतलब जनता पर शासन करना नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करना है। राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और संतुष्टि के मंत्र पर काम कर रही है। अधिकारियों को भी इसी सोच के साथ जनता की समस्याओं का संवेदनशील तरीके से समाधान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इससे युवाओं का भरोसा बढ़ा है और चयन प्रक्रिया पहले से ज्यादा निष्पक्ष बनी है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से ज्यादा युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। अब 187 नए युवाओं के जुड़ने से यह अभियान और मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिले, ताकि उन्हें नौकरी की तलाश में राज्य से बाहर न जाना पड़े। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी, दोनों को उत्तराखंड की तरक्की की सबसे बड़ी ताकत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ईमानदारी और निष्पक्षता से काम करने वाले हर अधिकारी और कर्मचारी के साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़ी रहेगी। साथ ही अधिकारियों से संविधान, कानून और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी दबाव से मुक्त होकर काम करने की अपील की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, रामसिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पांडेय, एसएन पाण्डेय, डीजी होमगार्ड डॉ पीवीके प्रसाद, डीजी अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, एडीजी डॉ वी मुरुगेशन, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय मौजूद रहे।






