Uttarakhand

पूर्व सीएम खंडूरी का निधन… धामी ने जताया शोक, सेना के बाद राजनीति में रखा था कदम

देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में सुबह लगभग 10:30 बजे ली अंतिम सांस, दो बार रहे उतराखंड के मुख्यमंत्री, सीएम धामी समेत अन्य दलों के नेताओं ने जताया शोक

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 19 मई 2026:

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ राजनेता भुवन चंद खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ही विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक जताया है।

लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं मेजर जनरल (सेवानिवृत) भुवन चंद खंडूरी का सुबह लगभग 10:30 बजे देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में निधन हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतू भूषण खंडूरी के कार्यालय की ओर से इसकी पुष्टि की गई। वह काफी समय से खराब स्वास्थ्य कारणों के चलते अस्पताल में भर्ती थे। उनके पार्थिव शरीर को अस्पताल से देहरादून के वसंत विहार स्थित आवास पर लाया गया। खंडूरी 91 साल के थे।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने शोक संदेश में कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा। राजनीतिक जीवन में उन्होंने उतराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदारी कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी से दिलों में पहचान बनाई।

बता दें कि खंडूरी राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना में थे। उन्होंने भारतीय सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स में 38 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने 1971 के भारत-पकिस्तान के युद्ध में भी हिस्सा लिया था। उन्हें उत्कृष्ट सैन्य योगदान के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

भुवन चंद खंडूरी 1991 में पहली बार गढ़वाल सीट से सांसद बने थे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने दो बार उतराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली। 2007 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन 2009 में लोकसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पार्टी में आंतरिक कलह के कारण सितम्बर 2011 में उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया और वो 2012 तक सीएम रहे।

READ MORE 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button