Lucknow City

शंकराचार्य से मिले अखिलेश, बोले- भाजपा के लिए धर्म नहीं धन प्राथमिकता, राम मंदिर चढ़ावा चोरी ‘महापाप’

गौमाता को राष्ट्रीय सम्मान देने पर हुई चर्चा, कहा- भाजपा में भगदड़ शुरू हो गई और कई लोग संपर्क कर रहे, SIT पर भी उठाए सवाल

लखनऊ, 9 जुलाई 2026:

सपा के मुखिया एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुरुवार सुबह शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। करीब 30 मिनट तक चली मुलाकात के दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि पूज्य शंकराचार्य के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त हुए तथा सनातन पर आए संकट को दूर करने और अधर्मियों के चंगुल से धर्म को मुक्त कराने को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

इसके बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य गौमाता को लेकर बेहद चिंतित हैं। ऐसा रास्ता तलाश रहे हैं जिससे गाय को राष्ट्रीय सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सनातन आस्था से जुड़ा है और हमारे धर्म में चढ़ावे की चोरी महापाप है। भाजपा ने महापाप किया है।
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अखिलेश ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी में भगदड़ शुरू हो गई है और कई लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की SIT केवल लीपापोती कर रही है। सुनने में आया है कि जांच समिति के एक सदस्य पर ही 420 का मुकदमा दर्ज है। उन्होंने इसे दिल्ली बनाम लखनऊ की लड़ाई बताते हुए कहा कि भाजपा के लिए धर्म नहीं बल्कि धन प्राथमिकता है।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं पर तत्काल एफआईआर दर्ज होती है जबकि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने मांग की कि मंदिर परिसर में जिन लोगों को कम धन मिला, उन सभी की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जाए। उनका दावा था कि 99.9 प्रतिशत लोग भाजपाई निकलेंगे। उन्होंने कहा कि केवल सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है क्योंकि सनातनी दुखी हैं। प्रदेश की जनता महंगाई व परेशानियों से जूझ रही है।

गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ‘गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने’ की यात्रा पर हैं। इसी क्रम में वे बुधवार को लखनऊ पहुंचे थे। पिछले चार महीनों में अखिलेश और शंकराचार्य की यह दूसरी मुलाकात है। बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि प्रदेशभर से मिले फीडबैक में लोगों ने गाय को माता माना जबकि सरकार उसे केवल पशु मानती है।

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