लखनऊ, 16 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल का सबसे बड़ा विस्तार होने जा रहा है। सेकंड फेज के तहत जुलाई से निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है जबकि आने वाले वर्षों में मेट्रो नेटवर्क को शहर की सीमाओं से बाहर आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम चल रहा है। प्रस्तावित विस्तार के तहत करीब 150 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो ट्रैक बिछाया जाएगा और लगभग 10 नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे अगले 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। विस्तार के बाद लखनऊ मेट्रो का नेटवर्क शहर के नेटवर्क से भी बड़ा हो जाएगा। इससे राजधानी के साथ-साथ बाराबंकी, उन्नाव, संडीला, इटौंजा, बख्शी का तालाब और मोहनलालगंज जैसे बाहरी क्षेत्रों तक भी मेट्रो की सीधी पहुंच बन जाएगी।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक अयोध्या रोड पर मेट्रो को बाराबंकी तक, सीतापुर रोड पर इटौंजा तक, कानपुर रोड पर उन्नाव तक और हरदोई रोड पर संडीला तक बढ़ाने की योजना है। वहीं एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक संचालित मेट्रो लाइन का भी आगे विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा पीजीआई, गोसाईंगंज और मोहनलालगंज को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का प्रस्ताव है।
मेट्रो द्वारा कराए गए विस्तृत सर्वे के आधार पर तैयार प्रस्ताव को शासन के पास भेजा गया था। इसे मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है। अब यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में जुटा है। सूत्रों का दावा है कि परियोजना की निगरानी मुख्य सचिव स्तर से की जा रही है।
इस मेगा विस्तार से राजाजीपुरम, काकोरी, दुबग्गा, मलिहाबाद, रहीमाबाद, कमता, चिनहट, मटियारी, बीबीडी, तिवारीगंज, जानकीपुरम, केशवनगर, आईआईएम, बंथरा और सफेदाबाद समेत दर्जनों इलाकों को लाभ मिलेगा। अनुमान है कि 35 से 40 लाख लोगों की आबादी को इस विस्तारित मेट्रो नेटवर्क का सीधा फायदा मिलेगा। इससे राजधानी में यातायात व्यवस्था को नई गति और पहचान मिलेगी।






