
लखनऊ, 9 जुलाई 2026:
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा और राम मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला 140 करोड़ भारतीयों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच होनी चाहिए।
अखिलेश ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कैसी पाबंदी है कि आरोपियों का पुलिस स्वागत करती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर ड्राइवर फंसता है तो मालिक भी जिम्मेदार होता है। उनका दावा था कि जिसका नाम अंतरिम रिपोर्ट में नहीं है, वह अंतिम रिपोर्ट में कैसे आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिस पर ठीकरा फोड़ा गया, वह रिपोर्ट के मुताबिक काफी ‘ठीक’ निकला।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि यदि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच हो जाए तो सबसे ज्यादा फोन भाजपा नेताओं के ही निकलेंगे, जो अब पार्टी छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग दूर बैठकर आरोप लगा रहे हैं, उनकी भी इस पूरे प्रकरण में हिस्सेदारी हो सकती है और उनकी ‘आमदनी की नहर’ बंद होने से वे बेचैन हैं।
अखिलेश ने कहा कि सिर्फ ‘खांचा’ नहीं, पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है। उन्होंने पूरे ट्रस्ट को भंग करने, केवल कर्मचारियों ही नहीं बल्कि जिम्मेदारी सौंपने वालों की भी जवाबदेही तय करने और इस्तीफा देने वालों के हस्ताक्षर से हुए सभी भू-सौदों व अन्य फैसलों की न्यायिक जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही दोषियों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके विदेश जाने पर रोक लगाने की भी मांग की।
अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा कि आपस में निष्कलंक होने की क्लीन चिट देने का खेल बंद हो। भ्रष्ट लोगों का काला सच सामने आ चुका है। भाजपा में भगदड़ मची है। जो भाजपा का साथी, वो रामघाती। शेष अगले अंक में…।






