
हरदोई, 9 जुलाई 2026:
हरदोई में साइबर क्राइम के खिलाफ गुरुवार तड़के पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाते हुए जिले के कई गांवों में एक साथ छापेमारी की। मूसलाधार बारिश के बीच सुबह करीब चार बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में साइबर सेल, सर्विलांस टीम और 15 थानों की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि ये आरोपी गांवों से बैठकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गिरफ्तार 11 आरोपियों पर पहले से आईटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
अभियान से पहले जिले के Cyber Hotspot चिन्हित किए गए थे। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। अभियान में सीओ की निगरानी में साइबर सेल, सर्विलांस टीम, स्थानीय पुलिस और महिला पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।
सवायजपुर से पांच आरोपी गिरफ्तार
सवायजपुर क्षेत्र के अमिरता, कन्हारी और फतेहपुर गांवों में सुबह चार बजे भारी पुलिस बल पहुंचा। बारिश के बावजूद पुलिस ने गांवों को चारों ओर से घेर लिया। हर गली और रास्ते पर पुलिस की तैनाती रही। महिला पुलिसकर्मियों ने महिला संदिग्धों की तलाशी ली। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कई संदिग्धों के भूमिगत होने की चर्चा रही। सवायजपुर पुलिस ने दुर्गेश चौहान, कृष्णमुरारी उर्फ मुरारी, अंकित, राधा सिंह और मंजीत उर्फ नीलू को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इन सभी से साइबर नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
पाली क्षेत्र से सात आरोपी दबोचे
पाली पुलिस ने शौरभ सिंह, संजीव उर्फ संजीत, रमाकांत, अंकित, अरुण कुमार, सचिन और अरविंद को गिरफ्तार किया। पुलिस इनसे बरामद मोबाइल, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।
कासिमपुर से सबसे ज्यादा नौ गिरफ्तार
कासिमपुर पुलिस ने विजय पाल, रामकिशोर, प्रेमलता, सर्वेश, राजकुमार, रवि, अरुण, हरीशचंद्र और सुमित को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि इस क्षेत्र में भी साइबर ठगी का नेटवर्क सक्रिय होने की जानकारी लंबे समय से मिल रही थी।

पचदेवरा, संडीला और शहर कोतवाली की कार्रवाई
पचदेवरा पुलिस ने आरती सिंह और योगेश को गिरफ्तार किया। संडीला पुलिस ने धिरीश गोस्वामी को पकड़ा। जांच में उसके म्यूल अकाउंट से जुड़े 40 लाख 75 हजार रुपये लियन कराए गए हैं। शहर कोतवाली पुलिस ने शुभम वाजपेयी को गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए 25 आरोपियों में से 11 के खिलाफ पहले से आईटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सकती है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
साइबर हॉटस्पॉट पर आगे भी चलेगा अभियान
पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा ने बताया कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन गांवों और इलाकों में साइबर फ्रॉड की गतिविधियां सामने आ रही हैं, वहां निगरानी और सख्त की जाएगी। साइबर सेल और सर्विलांस टीम ऐसे लोगों की पहचान कर रही है जो ग्रामीण इलाकों से बैठकर देशभर के लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।






