पुलिस अधिकार मार्च: प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हुई नोकझोंक, 4600 ग्रेड पे देने की मांग
पुलिस परिवारों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों के नेता मार्च में हुए शामिल, परेड मैदान से पुलिस मुख्यालय की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोका, अधिकारियों ने लिया ज्ञापन

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 13 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड पुलिस के जवानों की 4600 ग्रेड पे की वर्षों पुरानी मांग को लेकर सोमवार को देहरादून में ‘पुलिस अधिकार मार्च’ निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया तो पुलिस ने रास्ते में ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। परेड मैदान से शुरू हुए इस मार्च में पुलिस परिवारों के साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी परेड मैदान में एकत्र हुए। यहां से पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी काफी देर तक मौके पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिससे स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्ष 2001 और 2002 में भर्ती हुए पुलिस कांस्टेबल 20 साल से अधिक की सेवा पूरी करने के बाद भी 4600 ग्रेड पे के लाभ से वंचित हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद अब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों में नाराजगी है।
मार्च में शामिल कांग्रेस नेता संदीप चमोली ने कहा कि पुलिसकर्मियों की लंबित मांग पर सरकार को जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने कहा कि पुलिसकर्मियों की मांग पूरी होने से उनका मनोबल बढ़ेगा। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि 4600 ग्रेड पे पुलिस जवानों का अधिकार है, इसे लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है।






