
लखनऊ, 13 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार को वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कथित हमलों, दमनात्मक कार्रवाई और बुलडोजर राज के विरोध में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और राष्ट्रपति के नाम संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन एसीएम पंचम को सौंपकर लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा (माले) के जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर, माकपा की जिला सचिव मधु गर्ग, भाकपा के जिला मंत्री परमानंद तथा फारवर्ड ब्लॉक के प्रांतीय नेता उदयनाथ सिंह ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले बंद करो, बुलडोजर राज नहीं चलेगा, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, अयोध्या चंदा घोटाले के दोषियों को जेल भेजो और विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लो जैसे नारे लगाए।

ज्ञापन में वामपंथी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यकाल में नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उनका कहना था कि लखनऊ में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान भी समाप्त कर दिए गए हैं। विरोध की आवाज को दबाने के लिए विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज कर उन्हें अपराधियों की तरह प्रताड़ित किया जा रहा है।
ज्ञापन में दलितों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार का भी उल्लेख किया गया। नेताओं ने मेरठ के चर्चित दलित ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए संबंधित पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय को तत्काल निलंबित करने की मांग उठाई।
वामदलों ने छह प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बहाल किया जाए, आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर निषेधाज्ञा लागू न की जाए, शहर के मध्य क्षेत्र में स्थायी धरना-प्रदर्शन स्थल निर्धारित किया जाए, आंदोलनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई रोकी जाए तथा विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
प्रदर्शन में भाकपा की राज्य सचिव मंडल सदस्य कांति मिश्रा, मुख्तार अहमद, माकपा के जिला सचिव मंडल सदस्य प्रवीण सिंह, भाकपा (माले) के कुमार मधुसूदन मगन, ऐपवा की कमला गौतम, इनौस के राजीव गुप्ता, ऐक्टू के जिलाध्यक्ष सीबी गुप्ता, केके चतुर्वेदी, निर्माण मजदूर यूनियन की मंजू गौतम, सुमन सेंगर, राम अनुज ओझा, सुमन सिंह, वंदना राय, चंद्रा वर्मा, फरीद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।






