
विजय पटेल
रायबरेली, 13 जुलाई 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने रायबरेली मुख्यालय स्थित गेस्ट हाउस में चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक के बाद समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को ब्राह्मण समाज और सनातन धर्म को लेकर अपना स्पष्ट स्टैंड बताना चाहिए। उनका कहना था कि पार्टी के अलग-अलग नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आते हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम पैदा होता है।
सपा के बयानों पर उठाए सवाल, आचरण पर करे आत्ममंथन
मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि एक तरफ समाजवादी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ब्राह्मण समाज के सम्मान की बात करता है, जबकि दूसरी तरफ पार्टी के कुछ नेता ऐसे बयान देते हैं जिन्हें ब्राह्मण समाज के खिलाफ माना जाता है। उन्होंने कहा कि सपा को साफ करना चाहिए कि उसका असली रुख क्या है। बार-बार भाषा और स्टैंड बदलना ठीक नहीं है। उन्होंने रामचरितमानस विवाद का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि रामभक्तों से जुड़े पुराने घटनाक्रमों को देखते हुए समाजवादी पार्टी को अपने राजनीतिक आचरण पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।

कांग्रेस अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रही
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह दोनों दलों का अंदरूनी मामला है। हालांकि उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी कभी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत थी, आज उसे अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए लगातार समझौते करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी सियासी पहचान और प्रतिष्ठा बचाने पर ध्यान देना चाहिए।
संतों से गरिमा बनाए रखने की अपील
धार्मिक संतों और शंकराचार्य के राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि देश के संत समाज और शंकराचार्य जैसे धार्मिक पदों के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। ऐसे में उन्हें सक्रिय राजनीतिक बयान देने से बचना चाहिए, ताकि उनकी गरिमा और निष्पक्ष छवि बनी रहे।
चकबंदी मामलों में तेजी लाने के निर्देश
मंत्री ने गेस्ट हाउस में अफसरों के साथ हुई बैठक में चकबंदी व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में चकबंदी का काम पूरा हो चुका है, वहां धारा-52 के तहत गजट की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। कई साल से लंबित मामलों का तय समय में निपटारा किया जाए और किसानों की शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी किसान को बेवजह परेशानी न हो। चकबंदी की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।






