Lucknow City

बुलडोजर देखते ही माफिया ने सरेंडर की जमीन… बन गया स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट, CM योगी का खुलासा

लखनऊ में डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद, फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट, ब्रह्मोस मिसाइल, डिफेंस कॉरिडोर और मीडिया की भूमिका पर रखे विचार

लखनऊ, 16 जून 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ प्रदेश की विकास यात्रा, सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर राष्ट्रीय विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बना। समापन सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद करते हुए प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान हुए बदलावों, कानून-व्यवस्था, रक्षा उत्पादन, फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मीडिया की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

मुख्यमंत्री ने नौ वर्ष पुराना एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि लखनऊ में जिस भूमि पर आज स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की भव्य इमारत खड़ी है, उस पर कभी एक कुख्यात माफिया का कब्जा था। यह जमीन यूपी पुलिस की थी लेकिन तत्कालीन सरकार के संरक्षण में माफिया इतना प्रभावशाली हो चुका था कि पुलिस भी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं थी। वर्ष 2017 में फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार के लिए जब जमीन को मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू हुई तो बुलडोजर की कार्रवाई देखते ही माफिया ने स्वयं जमीन सरकार को सौंप दी। आज उसी स्थान पर स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट बना है। इसमें विद्यार्थी आधुनिक तकनीकों की शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

सीएम योगी ने बताया कि लखनऊ का स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट अब एफएसएल और साइबर सिक्योरिटी का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत सात वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक साक्ष्य अनिवार्य कर दिए गए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था की जा चुकी है।

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रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने लगभग 200 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि जब प्रतिवर्ष करीब 150 ब्रह्मोस मिसाइलों का उत्पादन होगा तो प्रदेश को लगभग 135 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में प्राप्त होंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के तहत लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट में रक्षा उत्पादन की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं और अब तक 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पहचान के संकट और बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का 60 प्रतिशत हिस्सा यूपी में है। चार लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क विकसित किया गया है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 41 से बढ़कर 83 हो चुकी है।

मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाचार को समाचार के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। न्यूज में व्यूज नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स केवल सूचना देने वाले नहीं अपितु समाज के ओपिनियन मेकर भी हैं। सच के साथ समाज को जोड़ना बड़ी जिम्मेदारी है और अंततः ‘सत्यमेव जयते’ यानी सत्य की ही विजय होती है।

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