
लखनऊ, 15 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के 16वें दीक्षांत समारोह में बेटियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर साबित कर दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। बुधवार को आयोजित समारोह में वितरित कुल पदकों में करीब 60 प्रतिशत पदक मेधावी छात्राओं ने हासिल किए। एमपीए की छात्रा श्वेता गुप्ता ने सर्वाधिक सात पदक जीतकर समारोह में अपनी अलग पहचान बनाई। इस अवसर पर तीन शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की गई।
समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की। उन्होंने मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किए। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1926 में म्यूजिक कॉलेज के रूप में शुरू हुई यह संस्था भातखंडे संगीत महाविद्यालय से होते हुए वर्ष 2022 में राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल कर चुकी है। वर्ष 2026 में अपनी शताब्दी यात्रा पूरी कर रहा यह विश्वविद्यालय संगीत, गायन, वादन, नृत्य और भारतीय संस्कृति की विभिन्न विधाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
जयवीर सिंह ने कहा कि शीघ्र ही लखनऊ के काकराबाद में 14 एकड़ भूमि पर विश्वविद्यालय के नए परिसर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय को भारत की अद्वितीय सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर बताते हुए कहा कि यहां भारतीय कला, संस्कृति, शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, नृत्य, नाट्य और मानविकी की परंपराओं को संरक्षित कर युवा पीढ़ी तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, विशेषज्ञता और संस्कार के नए चरण की शुरुआत है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश का मान बढ़ा रही हैं। उन्होंने मेधावियों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रतिनिधि एवं विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम बोबड़े ने राज्यपाल का आशीर्वचन पढ़कर सुनाया। उन्होंने विश्वविद्यालय में हालिया निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने की अपेक्षा जताई। कुलपति मांडवी सिंह ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि पद्मश्री पं. कुंवार बोस ने पदक विजेताओं से अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और हिंदुस्तानी संगीत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के स्कूलों के कक्षा 3 से 12 तक के विजयी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में कुल 48 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 30 स्वर्ण, 9 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं। श्वेता गुप्ता के अलावा स्पर्श कुमार कश्यप, आलोक कुमार मिश्र और प्रिया दूबे ने चार-चार पदक हासिल किए। नेहा काजी ने गिटार में पांच पदक जीते। दीप्ति सिंह ने तीन पदक प्राप्त किए। रूनझुन सिंह, वल्लरी नारायण पाठक, तनिष्का सक्सेना और आकांक्षा राय समेत कई मेधावियों को भी पदक प्रदान किए गए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, कुलसचिव एसपी सिंह, पं. साजन मिश्रा, मालिनी अवस्थी, सम्मानित छात्र-छात्राएं और उनके परिजन मौजूद रहे।






