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UP की 57,695 पंचायतों में ‘प्रधान राज’ जारी, चुनाव तक नहीं छिनेगी सत्ता! जानिए नई व्यवस्था

खत्म हो रहा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल लेकिन मौजूदा प्रधान ही संभालेंगे प्रशासन, प्रधानों की अध्यक्षता में प्रशासक समितियों के गठन को मिली मंजूरी

लखनऊ, 25 मई 2026:

यूपी की 57 हजार 695 ग्राम पंचायतों में मंगलवार से एक नया प्रशासनिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल भले ही समाप्त हो रहा हो लेकिन पंचायतों से उनकी सत्ता खत्म नहीं होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए पंचायत चुनाव होने तक मौजूदा ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में प्रशासक समितियों के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रदेश में पहली बार ऐसी व्यवस्था लागू की जा रही है।

सरकार के इस फैसले के बाद अब गांवों में विकास कार्यों की कमान उन्हीं प्रधानों के हाथ में रहेगी जिनका कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो चुका रहा है। पंचायतीराज विभाग इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करेगा। माना जा रहा है कि इससे पंचायतों में प्रशासनिक शून्यता नहीं आएगी और विकास योजनाओं की रफ्तार भी बनी रहेगी।

दरअसल, ग्राम प्रधान संगठनों ने सरकार से मांग की थी कि चुनाव होने तक वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासन चलाने की जिम्मेदारी दी जाए। सरकार ने उनकी मांग स्वीकार करते हुए यह बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक निर्णय लिया है। इससे लाखों ग्राम प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को सीधा संदेश गया है कि सरकार पंचायत व्यवस्था को बिना रुकावट जारी रखना चाहती है।

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उधर, पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर सरकार ने पहले ही एक अहम कदम उठाया है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण तय करने के लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया गया है। आयोग के अध्यक्ष के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की नियुक्ति की गई है।

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इसके अलावा सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा, पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. अरविंद चौरसिया और एसपी सिंह को सदस्य बनाया गया है। आयोग छह महीने के भीतर पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े आंकड़ों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। सरकार के इन दो बड़े फैसलों ने साफ कर दिया है कि यूपी में पंचायत चुनाव की जमीन पूरी तरह तैयार की जा रही है। अब निगाहें चुनाव की तारीखों और आरक्षण की अंतिम तस्वीर पर टिक गई हैं।

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