
लखनऊ, 18 जुलाई 2026:
यूपी में मिलावटखोरों और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है। प्रदेशव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 3,537 निरीक्षण और 2,075 छापेमारी की। इस दौरान 2,965 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। कार्रवाई में 2,929.86 कुंतल खाद्य सामग्री, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11.66 करोड़ रुपये है, जब्त की गई। वहीं, लोगों उपभोग के लिए असुरक्षित और अपमिश्रित पाई गई 551.71 कुंतल खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान का उद्देश्य मिलावटखोरों पर कार्रवाई करने के साथ आम उपभोक्ताओं का सुरक्षित खाद्य पदार्थों पर भरोसा मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का फोकस संगठित रूप से मिलावट करने वाले और गंभीर खाद्य अपराधियों पर है, जबकि छोटे एवं खुदरा कारोबारियों का अनावश्यक उत्पीड़न न करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
मसालों से दूध-घी तक हर मोर्चे पर कार्रवाई
विशेष अभियान में खुले और पैक्ड मसाले, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पनीर, घी, खाद्य तेल, पैकेज्ड पेयजल, अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज और चटनी जैसी खाद्य श्रेणियों को शामिल किया गया। मसालों के खिलाफ कार्रवाई में 1,055 नमूने लिए गए। इस दौरान 419.7 कुंतल मसाले, जिनकी कीमत करीब 67.78 लाख रुपये थी, जब्त किए गए। लोगों के उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 80.47 कुंतल मसालों को नष्ट कराया गया। वहीं, अचार, सॉस, जैम, जेली, मेयोनेज और चटनी के 801 नमूने लिए गए। कार्रवाई में 338.6 कुंतल खाद्य सामग्री जब्त की गई और 259.28 कुंतल असुरक्षित सामग्री नष्ट कराई गई।
दूध और दुग्ध उत्पादों पर अभियान सबसे व्यापक रहा। 572 छापों में 885 नमूने लिए गए और 1,876.66 कुंतल दूध एवं दुग्ध उत्पाद, जिनकी अनुमानित कीमत 10.66 करोड़ रुपये थी, जब्त किए गए। 211.96 कुंतल असुरक्षित एवं अपमिश्रित उत्पादों को बाजार में पहुंचने से पहले ही नष्ट करा दिया गया।
पैकेज्ड पानी की 57 इकाइयां सील
पैकेज्ड पेयजल निर्माण इकाइयों पर भी बड़ी कार्रवाई हुई। 212 छापों में 224 नमूने लिए गए। 56 इकाइयों को सुधार सूचना दी गई, 41 लाइसेंस निलंबित किए गए, 57 इकाइयों को सील किया गया और 37 इकाइयों का उत्पादन बंद कराया गया। प्रदेश की 520 इकाइयों के निरीक्षण और 397 नमूनों की जांच में 119 नमूने असुरक्षित और 194 अधोमानक पाए गए।

खाद्य तेल की 64 निर्माण इकाइयों के निरीक्षण के दौरान 210 नमूने लिए गए और 4,153 किलोलीटर खाद्य तेल, जिसकी कीमत करीब 6.5 करोड़ रुपये थी, जब्त किया गया। 14 इकाइयों के ब्रांडों पर सुधार होने तक प्रतिबंध लगाया गया। इसी तरह असुरक्षित घी के मामलों में यूपी के बाहर की 5 और प्रदेश की 6 निर्माण इकाइयों के 11 ब्रांडों के निर्माण, वितरण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाई गई।
नकली सौंफ से नकली दूध-घी तक, छह जिलों में एफआईआर
गंभीर अनियमितताओं के मामलों में शाहजहांपुर, मथुरा, अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और उन्नाव में छह एफआईआर दर्ज कराई गईं। शाहजहांपुर में सिंथेटिक रंग से रंगी 400 किलोग्राम सौंफ मिली। मथुरा में सील तोड़कर बिना लाइसेंस डेयरी संचालित की जा रही थी। अमरोहा में वेजीटेबल फैट और प्रतिबंधित पदार्थों से बटर तैयार किया जा रहा था। अलीगढ़ में नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी गई, जबकि बदायूं में रिफाइंड ऑयल और अपमिश्रकों से नकली दूध-घी तैयार किया जा रहा था। उन्नाव में सील की गई सॉस निर्माण इकाई की सील तोड़कर दोबारा संचालन करने पर एफआईआर दर्ज की गई। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।






